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पिता को मारकर खा रहा था बाघ, जंगल में दूर से देख रहा था बेटा, फफक-फफक कर रोया- कोई तो बचा लो

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मध्य प्रदेश के बालाघाट वन परिक्षेत्र कटंगी के गोरेघाट सर्किल में एक किसान को बाघ ने हमला कर मार दिया. किसान अपने खेत में बनी झोपडी में बैठा था. इसी दौरान बाघ ने किसान को अपना निवाला बना लिया. इस घटना के बाद से किसानों और पूरे गांव में दहशत बनी है. वन विभाग की टीम ने किसान का शव बरामद किया है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है. मृतक किसान परिवार को मुआवाजे दिए जाने का आश्वासन दिया गया है.

जानकारी के अनुसार, ग्राम कुड़वा जंगल से लगा है. इस गांव में अनेक किसानों ने रबी धान की फसल लगाई है. फसल को नष्ट करने जंगली सूअर रोजाना आते हैं, जिसके चलते किसान उन्हें भगाने के लिए फटाखे फोड़ते हैं. ग्राम कुड़वा निवासी 58 वर्षीय किसान प्रकाश तड़के 4 से 5 बजे के बीच जंगली सूअर को भगाने के लिए फटाखे फोड़े थे. वह अपने मकान से लगे खेत की झोपडी में जाकर बैठ गया.

झोपड़ी से किसान को उठा ले गया बाघ

जानकारी के मुताबिक, सुबह होने पर किसान घर नहीं पहुंचा तो उसका पुत्र खेत में झोपडी में जाकर देखा, लेकिन वह नहीं दिखाई दिया. तभी परिजन भी मौके पर पहुंचे और आवाज लगाई, पर पता नहीं चला. वह झोपडी के आगे उन्हें एक बाघ उसके पिता को खाते दिखा. बाघ को देख वो उल्टे पांव गांव में लौट आया और परिजन सहित आसपास में जानकारी दी.

सभी लोग मौके पर गए और बाघ को शोर मचाकर भगाया. बाघ ने किसान के शरीर के आधे पैर को खा लिया था. इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन वन विभाग 11 बजे तक मौके पर नहीं पहुंच पाया.किसानों ने बताया कि गोरेघाट से समीप में जंगल लगा है. बाघ 15 दिनों से खेत में विचरण कर रहा है.

इसके एक सप्ताह पूर्व खेत में आराम फरमाते एक किसान ने इस बाघ को नजदीक से देखा था. उस समय गनीमत रही कि बाघ सोया था नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी. बताया गया कि इतने दिनों में ग्राम गोरेघाट में बाघ ने पांच बकरियों का शिकार किया है.

पहले भी बाघ ने किया था शिकार

कटंगी रेंज के तिरोड़ी क्षेत्र के खैरलांजी सिलारी गांव की घटना दिसंबर 2024 की थी, जब मवेशियों को चराने और खेत में हल चलाने गया. 55 वर्षीय आदिवासी किसान सुखराम पर आदमखोर टाइगर ने हमला कर अपना निवाला बनाया था. इसी तरह यह भी घटना घटित हुई है. इधर, एक ओर वन विभाग ग्रामीणों को लगातार जंगली इलाकों से दूर रहने की सलाह दे रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं. उनका मानना है कि विभागीय अमला ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार नहीं है.

25 लाख का मिलेगा मुआवजा

वन विभाग के डिप्टी रेंजर ज्ञानीराम घोटफोड़े ने बताया कि शव बरामद कर शव का पोस्टमार्टम कराया है. शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. प्रदेश सरकार ने जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को मिलने वाला मुआवजा 25 लाख रुपये किया है. उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा. कुडवा में एक किसान का बाघ ने शिकार किया है. इसकी सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.

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