Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर में भव्य कलश यात्रा में की वर्चुअल सहभागिता, भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... भारत के रणनीतिक 'चिकन नेक' गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजू... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह... भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

भारत के रणनीतिक ‘चिकन नेक’ गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजूरी

2

कटिहार/गुवाहाटी: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले अत्यंत संवेदनशील एवं रणनीतिक ‘चिकन नेक’ (सिलिगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने हेतु चौथी रेल लाइन बिछाने की बहुप्रतीक्षित मंजूरी मिल गई है।

उल्लेखनीय है कि ‘चिकन नेक’ एक बेहद संकरी भू-पट्टी है, जो सड़क एवं रेल नेटवर्क के माध्यम से असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड सहित समस्त पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ती है। कटिहार रेल मंडल कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने इस क्षेत्र के सामरिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मालदा-न्यू जलपाईगुड़ी रेल खंड पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक जीवनरेखा (लाइफलाइन) है।

🚇 तिनमई घाट से बागडोगरा के बीच बनेगी 29 किमी लंबी दोहरी भूमिगत रेल सुरंग, रेल नेटवर्क में आएगा बड़ा बदलाव

महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में इस महत्वपूर्ण रेल खंड के लिए केवल तीसरी रेल लाइन का प्रस्ताव विचाराधीन था, किंतु अब बढ़ती आवश्यकता और रणनीतिक महत्व को देखते हुए चौथी लाइन को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इसके अतिरिक्त तिनमई घाट से बागडोगरा के मध्य लगभग 29 किलोमीटर लंबी दोहरी भूमिगत (अंडरग्राउंड) रेल परियोजना का निर्माण किया जाएगा। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी बुनियादी ढांचा पहल है, जो आपदा अथवा आपात स्थिति में भी रेल आवागमन की निरंतरता सुनिश्चित करेगी।

🛤️ बारसोई खंड में रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य जारी, बीते वर्ष शुरू हुईं 42 नई ट्रेन सेवाएं

महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि क्षेत्र में यात्री और माल ढुलाई के बढ़ते अत्यधिक दबाव को देखते हुए पूरे कटिहार मंडल में ढांचागत विस्तार निरंतर जारी है।

इसी क्रम में बारसोई खंड में रेल लाइन के दोहरीकरण (Doubling) का कार्य द्रुत गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि विगत एक वर्ष के भीतर विभिन्न रूटों पर 42 नई ट्रेन सेवाएं प्रारंभ की गईं, जबकि स्थानीय यात्रियों की सुविधा और मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्टेशनों पर लगभग 250 नए ठहराव (स्टॉपेज) प्रदान किए गए।

🚉 अप्रैल 2027 तक विश्वस्तरीय बनेगा न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन, जोगबनी और राधिकापुर से जल्द चलेंगी नई ट्रेनें

पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि हल्दीबाड़ी स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) जंक्शन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विश्वस्तरीय (World-Class Station) बनाने का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही सीमावर्ती एवं दूरदराज के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए जोगबनी, राधिकापुर तथा बालुरघाट से शीघ्र ही नई ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी।

⚡ पूर्वोत्तर सीमा रेलवे का 100% विद्युतीकरण पूर्ण, तिनसुकिया और अगरतला तक चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

महाप्रबंधक ने एक अन्य बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि पूर्वोत्तर सीमा रेलवे का संपूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क अब 100 प्रतिशत पूरी तरह से विद्युतीकृत (Electrified) हो चुका है।

अब शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक ट्रेनों के सुचारू संचालन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने आगे घोषणा की कि आने वाले दिनों में अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ (Vande Bharat Express) सेवाओं का विस्तार गुवाहाटी से आगे असम के तिनसुकिया तथा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला तक करने की विस्तृत योजना है, जिससे पूरे पूर्वोत्तर भारत में यात्रियों को अत्यंत तीव्र, सुरक्षित और आरामदायक रेल सफर की सुविधा प्राप्त होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.