Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शेयर बाजार की उथल-पुथल में FPIs का बड़ा धमाका: निफ्टी-सेंसेक्स को पछाड़कर कमाया 37% तक रिटर्न, जानिए... बलूचिस्तान में स्वतंत्रता दिवस पर खूनी एयरस्ट्राइक: मासूमों के कत्लेआम पर वाशिंगटन की चुप्पी पर उठे ... आगर मालवा जिला मुख्यालय पर भव्य तिरंगा यात्रा" का आयोजन, हजारों छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने लिया ... ईंधन बचत का संदेश देते हुए कलेक्टर, एसपी सहित जिला अधिकारी एक ही यात्री बस से गंगापुर जन विश्वास शिव... भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह, फाइनल रिहर्सल में गूंजी जवानों की क... शिवपुरी के कॉलेज में घुसा 6 फीट लंबा जहरीला कोबरा: पकड़ते ही मुंह से उगला चंदन गोहेरा, सर्प मित्र ने... उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने अमित शाह पर लिखी किताब, 'नए भारत के चाणक्य' नाम से गरमाई सियासत मंडला में राशन वितरण का अनाज बर्बाद: कीट नियंत्रण फेल होने से गोदाम में कीड़े लगे, स्टेट सिविल कॉरपो... जबलपुर में देशभक्ति का अनूठा जुनून: उफनती नर्मदा नदी में एक हाथ में तिरंगा थामकर 7 किमी तैरे तैराक, ... मध्य प्रदेश के धार का प्रसिद्ध 'बाग प्रिंट' पहुंचा राष्ट्रपति भवन, 'एट होम' समारोह की बढ़ाएगा शोभा

कोरोना पीड़ित मेहनत कम करें, रिस्क है, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया हार्ट अटैक के कारण

31

भावनगर. भारत में तेजी से बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों का कोरोना महामारी से कोई संबंध है? यह सवाल आज सभी के मन में उठ रहा है। जी हां, अब इस बात का जवाब मिल गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया नेहार्ट अटैक का असल कारण और इससे बचाव के उपाय बताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Health Minister Mansukh Mandaviya) ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन का हवाला देते गुए कहा कि वे व्यक्ति, जो पूर्व में गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) का शिकार हुए थे उन्हें दिल के दौरे (heart attack) से बचने के लिए एक या दो साल तक जरूरत से ज्यादा परिश्रम नहीं करना चाहिए।

गुजरात में हाल ही में दिल संबंधी समस्याओं की वजह से बहुत से लोगों की मौत हुई है, जिसमें नवरात्रि महोत्सव के दौरान ‘गरबा’ खेलते वक्त हुई घटना भी शामिल है। इसके बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने ‘कार्डियोलॉजिस्ट’ सहित चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की। पटेल ने विशेषज्ञों से कारणों और उपचार का पता लगाने के लिए मौत के आंकड़े जुटाने को कहा।

हृदय संबंधी समस्याओं के कारण कई लोगों मौतें हुई

मांडविया ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक स्टडी का हवाला देते और कहा कि जो लोग पहले कोविड-19 बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित हुए थे, उन्हें दिल के दौरे से बचाव के लिए एक या दो साल तक अधिक मेहनत करने बचना चाहिए। गुजरात में हाल ही में हृदय संबंधी समस्याओं के कारण कई लोगों मौतें हुई हैं, जिनमें नवरात्रि उत्सव के दौरान होने वाले ‘गरबा’ कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिसके कारण राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल को हृदय रोग विशेषज्ञों सहित चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक करनी पड़ी थी।

स्टडी के अनुसार,

पटेल ने हार्ट अटैक के कारणों और इससे बचाव के उपायों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों से मौतों का डेटा इकट्ठा करने को कहा था। मंडाविया ने संवाददाताओं से कहा, “आईसीएमआर ने डिटेल स्टडी की है। इस स्टडी के अनुसार, जो लोग गंभीर कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित रहे हैं, उन्हें अधिक मेहनत वाले काम नहीं करने चाहिए। उन्हें थोड़े समय के लिए, जैसे कि एक वर्ष या जरूरत से ज्यादा कसरत, दौड़ने और भारी व्यायाम से दूर रहना चाहिए, ताकि दिल के दौरे से बचा जा सके।”

कठोर अभ्यास, दौड़ और वर्कआउट से दूर रहें

मांडविया ने संवाददाताओं को बताया, ”आईसीएमआर ने एक विस्तृत अध्ययन किया है. इस अध्ययन के मुताबिक, वे लोग, जो पूर्व में गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण का शिकार हुए थे उन्हें जरूरत से ज्यादा परिश्रम नहीं करना चाहिए। उन्हें (पूर्व में संक्रमित हुए लोगों) दिल के दौरे से बचने के लिए एक या दो वर्ष तक कठोर अभ्यास, दौड़ और वर्कआउट से दूर रहना चाहिए।” उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने हाल ही में राज्य के दौरे के दौरान इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.