नई दिल्ली। सनातन धर्म को लेकर दिए बयान पर विवादों मे घिरे तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन का एक और बयान सामने आया है, जिसमें वो खुद को अपनी बात पर अड़िग बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने एक समारोह में सनातन धर्म बारे में बयान दिया था। मैंने उस समय कहा, वही बात बार-बार दोहराऊंगा। मैंने सभी धर्मों को शामिल किया था, केवल हिंदुओं को नहीं। उदयनिधि ने कहा मैंने जातिवाद की निंदा करते हुए वो वह बात बोली।
उदयनिधि के बयान पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह सोच उनके खून में है। देश की जनता अब इनको दिखा देगी कि क्या मिटाया जाएगा। जनता वंशवादी राजनीति को मिटा देगी।
हिंदू धर्म को अपमानित करने की प्रतियोगिता शुरू हो गई है
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत देश की मूल आस्था, सभ्यता, सनातन धर्म को अपमानित करने की प्रतियोगिता शुरू हो गई है। उदयनिधि के बयान पर उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले ये घटना हुई है। यह बयान अनायास या अचानक नहीं आया। एक सेमिनार के अंदर तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि ने ऐसा बोला है। इससे पहले विपक्षी दलों के गठबंधन की बैठक हुई थी, इसमें वो अपना नेता तो तय नहीं कर पाए, लेकिन सनातन धर्म को नीचा दिखाने के लिए नीति जरूर तय कर ली है मुंबई में क्या सनातन धर्म के खिलाफ बोलना तय किया था
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उदयनिधि के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग लगातार सनातन धर्म के बारे बयान देते हुए जहर उगल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या काग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मुंबई में हुई विपक्षी दलों के गठबंधन की बैठक में यही बात तय की थी कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलेंगे। उन्होंने सनातन धर्म को खत्म करने का एजेंडा तैयार किया है।
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