Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News: 'अरे तेरे बाप का कार्यक्रम है...' सज्जन सिंह वर्मा की टिप्पणी पर IPS एसोसिएशन नाराज; जन... Ganesh Utsav Ujjain: बड़नगर में 21 लाख की करेंसी से हुआ भगवान गणेश का श्रृंगार! 6 CCTV और 24 घंटे पह... Madhya Pradesh Politics: एमपी भाजपा संगठन में फेरबदल; सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवा... Madhya Pradesh IPS Association: 'नेता रखें संयमित आचरण'; सज्जन सिंह वर्मा की टिप्पणी के खिलाफ मैदान ... National Highway Standards: NHAI ने बदले हाईवे निर्माण के नियम; 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल और ट्रैफिक ... Chhattisgarh News: मानसून की विदाई से पहले सीमेंट कंपनियों का झटका; ₹60 प्रति बोरी तक महंगे हुए दाम Delhi Voter List News: बेघरों और ट्रांसजेंडर्स के लिए विशेष शिविर, जानिए क्या है मतदाता सूची पुनरीक्... Delhi NCR Traffic Update: शाहीन बाग में बनेगा सिग्नल-फ्री यू-टर्न, कालकाजी-मोदी पुल निर्माण के चलते ... Bhiwani Fire News: बहल के मुख्य नाले में लगी भयंकर आग, स्थानीय लोगों और पुलिस ने संभाला मोर्चा Bhiwani Boxer Sakshi Chaudhary: एशियन गेम्स में बॉक्सर साक्षी चौधरी का शानदार प्रदर्शन, प्री-क्वार्ट...

इस दिन से शुरू हो रहे हैं पितृपक्ष, 16 दिन जरूर करें इन नियमों का पालन

41

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है। पितृ पक्ष 16 दिनों तक चलते हैं। पितृपक्ष के दौरान पितरों का याद करके पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म आदि किए जाते हैं। इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 28 सितंबर से हो रही है, जो कि 14 अक्टूबर तक चलेंगे। इन 16 दिनों में पितरों को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। पितृपक्ष के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान कुछ चीजों का सेवन वर्जित माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से बाहर का खाना अशुद्ध होता है। आइए, जानते हैं कि पितृपक्ष में किन नियमों का पालन करना चाहिए।

श्राद्ध के दौरान मांस आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। ये दिन पूर्ण रूप से पूर्वजों का समर्पित होते हैं, जिसमें मांस, मछली, अंडा और मदिरा का सेवन अशुभ माना जाता है। वहीं, प्याज और लहसुन भी तामसिक माने जाते हैं। पितृ पक्ष के दौरान इनका सेवन भी नहीं करना चाहिए। 16 दिनों तक केवल सात्विक भोजन ही करें।

पितरों को इस तरह लगाएं भोग

पितृ पूजा के दौरान पूर्वजों और ब्राह्मणों को भोजन कराने से पहले भगवान विष्णु को भोग लगाएं। इसके बाद ही ब्राह्मणों को दें। पितरों के श्राद्ध के दिन ब्राह्मणों के भोजन के बाद ही खुद भोजन करें। इससे आपके पितर के प्रति आपकी श्रद्धा दिखाई देती है। ब्राह्मणों को भोजन करवाते समय मौन रहना चाहिए। भोजन के बाद पितरों को मन में याद कर अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना करें।

इन नियमों का करें पालन

  • पुराणों के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है।
  • इस दौरान किसी भी जानवर को नुकसान न पहुंचाएं।
  • पितृ पक्ष में कौओं, पशु-पक्षियों को अन्न-जल देना शुभ होता है। इन्हें भोजन देने से पूर्वज संतुष्ट होते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.