Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क... Tarang Shakti and Submarine Deal: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, तरंग शक्ति एक्सरसाइज ... Canada Deportation Bishnoi Gang: कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, छात्र बनकर गए भा... Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ...

विश्व प्रसिद्ध कंपनी मेटा पर अमरीकी कोर्ट का चाबुक, टीनएजर्स की सुरक्षा हेतु देना होगा 54 अरब रुपये का फंड

13

वाशिंगटन/सांता फे (अमरीका): विश्व प्रसिद्ध सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी ‘मेटा’ (Meta) के लिए वैश्विक स्तर पर संकट का दौर समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहाँ भारत में एल्गोरिद्म (Algorithm) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कानूनों के अनुपालन को लेकर मेटा के शीर्ष अधिकारियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अमरीका के न्यू मैक्सिको स्टेट कोर्ट ने कंपनी को एक ऐतिहासिक झटका दिया है। कोर्ट ने मेटा कंपनी को टीनएजर्स (नाबालिगों) की मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) के लिए गठित विशेष फंड में 567 मिलियन डॉलर (लगभग 54 अरब भारतीय रुपये) जमा कराने तथा युवा यूजर्स हेतु अपने प्लेटफॉर्म्स के कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव करने का कड़ा आदेश दिया है। अदालत का स्पष्ट मत है कि बच्चों को मानसिक नुकसान पहुँचाने और उन्हें सुरक्षित वातावरण न देने के लिए कंपनी प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी है।

🏛️ ‘मेटा ने पैदा की पब्लिक न्यूसेंस की स्थिति’, न्यू मैक्सिको कोर्ट के जज का ऐतिहासिक निर्णय

न्यू मैक्सिको के सांता फे में मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए जज ब्रायन बीडशाइड ने डेमोक्रेट अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज के तर्कों को स्वीकार किया।

अदालत ने अपने फैसले में माना कि मेटा ने न्यू मैक्सिको में आम जनता के लिए ‘पब्लिक न्यूसेंस’ (Public Nuisance) की स्थिति निर्मित की है। अटॉर्नी जनरल टोरेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगीन आरोप लगाया था कि कंपनी ने ऐसे एडिक्टिव (लत लगाने वाले) फीचर्स तैयार किए हैं, जिससे कम उम्र के यूजर्स इसके चंगुल में फंस जाते हैं। इसके साथ ही कंपनी अपने प्लेटफॉर्म्स (Facebook व Instagram) पर बच्चों को यौन शोषण एवं ऑनलाइन खतरों से बचाने में पूरी तरह विफल रही है।

📜 कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का खुला उल्लंघन, 5 महीने पूर्व जूरी ने दिया था 375 मिलियन डॉलर का आदेश

यह अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला उस घटनाक्रम के ठीक 5 माह उपरांत आया है, जब केस की शुरुआती सुनवाई के दौरान न्यू मैक्सिको की जूरी ने मेटा को 375 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

जूरी ने गहन पड़ताल में पाया था कि कंपनी ने कम उम्र के यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम की सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में भ्रामक व गलत जानकारियां प्रदान करके ‘कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ’ (उपभोक्ता संरक्षण कानून) का खुला उल्लंघन किया है। सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा युवा यूजर्स को पहुँचाए जा रहे मानसिक व सामाजिक नुकसान से जुड़े मामलों में इस ऐतिहासिक फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं।

👨‍⚖️ अमरीका के 40 से अधिक राज्यों में मुकदमे दर्ज, मेटा को लागू करने होंगे ये 5 कड़े बदलाव

संपूर्ण अमरीका में 40 से अधिक राज्यों और 1,300 से अधिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स ने सोशल मीडिया कंपनियों के विरुद्ध ‘पब्लिक न्यूसेंस’ से संबंधित कड़े केस दर्ज करा रखे हैं।

जज बीडशाइड ने मेटा को निम्नलिखित युवा-सुरक्षा उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने का न्यायिक आदेश सुनाया है:

  • मंथली कंट्रोल: टीनएजर्स द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम के उपयोग पर अभिभावकों का मासिक नियंत्रण।

  • नोटिफिकेशन पर रोक: देर रात भेजे जाने वाले पुश नोटिफिकेशन्स पर कड़ा अंकुश।

  • वयस्कों के संपर्क पर पाबंदी: नाबालिगों के साथ अज्ञात वयस्कों के सीधे मैसेजिंग संपर्क पर कड़ा तकनीकी नियंत्रण।

  • AI चैटबॉट्स सुरक्षा: एआई चैटबॉट्स (AI Chatbots) हेतु विशेष सेफ्टी लेयर्स।

  • त्वरित समीक्षा: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी शिकायतों और रिपोर्टों की प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समीक्षा।

    (यह आदेश आगामी 5 वर्षों तक अनिवार्य रूप से लागू रहेगा।)

💬 “बच्चों की सुरक्षा के स्थान पर मुनाफे को प्राथमिकता दी, यह दुनिया के लिए एक ब्लूप्रBlueprint है”: अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज

“न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेटा ने बच्चों की सुरक्षा की बलि देकर हमेशा कॉर्पोरेट मुनाफे को चुना। यह पहला ऐसा ऐतिहासिक फैसला है जिसने किसी टेक जाइंट को व्यावहारिक बदलाव करने पर विवश किया है। वहीं दूसरी ओर, मेटा ने बयान जारी कर कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी और कंपनी को ऑनलाइन टीनएजर्स की सुरक्षा के अपने रिकॉर्ड पर पूरा विश्वास है।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.