Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Punjab के Private Schools पर हो सकता है बड़ा Action, बोर्ड को भेजी शिकायत

29

लुधियाना: जिले के स्कूलों में इन दिनों बोर्ड कक्षाओं को छोड़ अन्य सभी कक्षाओं की परीक्षाएं संपन्न होने के बाद रिजल्ट घोषणा का दोर चल रहा है। इसी बीच सीबीएसई से जुड़े कई ऐसे स्कूल भी हैं जिन्होने बोर्ड के निर्देशों के बिल्कुल उल्ट जाकर मार्च में ही अपनी कक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह भी मालूम हुआ है कि गांवों के कई स्कूलों ने तो नया सैशन शुरू भी कर लिया है।

हालांकि इन दिनों स्कूलों में बोर्ड एगजाम चल रहे हैं और नया सैशन शुरू करने में स्कूलों की यह जल्दबाजी कहीं न कहीं कई सवाल खड़े कर रही है। पता चला है कि मार्च में ही नया सैशन शुरू करने वाले स्कूलों की ओर से स्टूडैंटस को भेजे गए सरर्कुलर के आधार पर सीबीएसई को शिकायत भी की गई है। हालांकि कई स्कूल ऐसे में भी हैं जो अप्रैल के पहले सप्ताह में ही नए सैशन की कक्षाएं शुरू कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 2 वर्ष पहले सीबीएसई ने स्कूलों को प्रति वर्ष एकेडमिक कैलेंडर का सख्ती से पालन करने के लिए एक सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर में सीबीएसई ने स्कूलों से कहा था कि नया एकेडमिक सेशन हर साल 1 अप्रैल से पहले बिल्कुल भी न शुरू करें। बोर्ड के पास पहले भी शिकायतें पहुंच रही थी कि कई स्कूल ने अप्रैल से पहले मार्च में ही अपना एकेडमिक सेशन शुरू कर देते हैं। ऐसा करने से छात्रों के बीच चिंता और तनाव पैदा होता है। बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया था कि कुछ स्कूल अपना एकेडमिक सेशन जल्दी शुरू कर देते हैं जिससे कम समय सीमा में पूरे साल का सिलेबस पूरा करने का प्रयास करने से छात्रों के लिए जोखिम उत्पन्न होता है, जो चिंता और थकान का सामना कर सकते हैं”।

सीबीएसई ने सरकुर्लर जारी कर यह दिया था तर्क
सीबीएसई के मुताबिक स्कूलों की इस जल्दबाजी से बच्चों के पास लाइफ स्किल, वैल्यू एजुकेशन, हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन, वर्क एजुकेशन और कम्यूनिटी सर्विस जैसी एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को करने के लिए बहुत कम या बिल्कुल समय नहीं है। जबकि ये एक्टिविटीज पढ़ाई के जितनी ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए स्कूलों को एकैडमिक सैशन 1 अप्रैल से 31 मार्च तक रखने के निर्देश जारी किए गए थे। बोर्ड के इन निर्देशों का 2 साल तो स्कूलों पर पूरा असर देखने को मिला लेकिन इस बार से कई स्कूलों ने फिर से अपना नया सैशन जल्दी शुरू करने की तैयारी कर ली। हालांकि कई स्कूल तो ऐसे हैं जिन्होने बोर्ड परीक्षाओं के बीच में ही नए सैशन की 10वीं और 12वीं की पढ़ाई शुरू कर दी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.