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PM का ‘मौनव्रत’ तोड़ने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, राहुल की जगह गोगोई ने की चर्चा

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-गौरव गोगोई ने शुरू की चर्चा, हंगामा
-पीएम मोदी का मौनव्रत तोड़ना चाहते हैं
-प्रधानमंत्री को सिर्फ अपनी छवि से लगाव
-चीन पर सवाल हुआ, प्रधानमंत्री मौन थे
– देश के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री बयान दें

नई दिल्ली:  लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने मणिपुर में हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और ‘डबल इंजन’ सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया ताकि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके।

दरअसल, लोकसभा में  राहुल गांधी की जगह आज गौरव गोगोई ने चर्चा की शुरुआत की। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बीजेपी सांसदों ने पूछा की जब राहुल गांधी इस पर चर्चा करने के लिए आने वाले थे तो अब अचानक बदलाव कर गौरव गोगोई को आगे क्यों किया जा रहा है।

गोगोई ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखते हुए यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद पर क्यों बनाए रखा? उन्होंने दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मौन रहना चाहते हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ अपनी छवि से लगाव है और वह अपनी सरकार की विफलताओं को सामने नहीं आने देना चाहते।

‘इंडिया’ गठबंधन के दलों को आभार 
कांग्रेस सांसद ने कहा कि  मैं इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों को आभार प्रकट करते हैं।” उनका कहना था कि यह हमारी मजबूरी है कि हमें यह अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है। यह संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि मणिपुर के इंसाफ के लिए है।” गोगोई ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव हम मणिपुर के लिए लाए हैं।

आज मणिपुर इंसाफ मांगता है, मणिपुर के युवा, महिलाएं इंसाफ न्याय हैं।” उन्होंने दावा किया कि अगर आज मणिपुर जल रहा है तो भारत जल रहा है।, अगर मणिपुर में आग लगी है, मणिपुर विभाजित हुआ तो भारत में आग लगी है, भारत विभाजित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी मांग थी कि देश के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री बयान दें और यहां सदेश दिया जाए कि दुख की घड़ी में हम मणिपुर में उनके साथ थे।”

मणिपुर के मुख्यमंत्री को ऐसा क्या आशीर्वाद दे रहे हैं?
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने मौन व्रत लिया। इसलिए हम इस अविश्वास प्रस्ताव लाए क्योंकि हम प्रधानमंत्री का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं।” गोगोई ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए? उन्हें मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लगे? जब बोले तो सिर्फ 30 सेकेंड के लिए बोले।” उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक प्रधानमंत्री की तरफ से संवेदना का कोई शब्द नहीं है, न शांति की गुहार लगाई।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने आज तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया? गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा में चुनाव आने से पहले मुख्यमंत्री बदल दिया। मणिपुर के मुख्यमंत्री को ऐसा क्या आशीर्वाद दे रहे हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को कबूल करना होगा कि मणिपुर में ‘डबल इंजन’ की सरकार विफल हो चुकी है। गोगोई ने कहा, ‘‘150 लोगों की मौत हो गई, हजारों लोग बेघर हो गए।” उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर में कोई पहली बार हिंसा नहीं हुई है। लेकिन समाज के दो वर्गों के बीच बंटवारा हमने कभी नहीं देखा था।”

प्रधानमंत्री नहीं बोलते चुप्पी साधे रहते
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आज इस राजनीति से दो मणिपुर बन गए हैं। मैं (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी)वाजपेयी जी का संदेश मणिपुर के मुख्यमंत्री को देना चाहता हूं कि राजधर्म निभाया जाए। ” उन्होंने दावा किया कि अगर मणिपुर में वीडियो वायरल नहीं होता तो प्रधानमंत्री नहीं बोलते चुप्पी साधे रहते। उन्होने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री को छवि से लगाव है, इसलिए वह मौन रहें। प्रधानमंत्री मोदी के मौन रहने का दूसरा कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विफल रहे हैं।

 राहुल गांधी जी के नेतृत्व में जगह-जगह मोहब्बत की दुकान खोलेंगे
कांग्रेस नेता के अनुसार, जाति, समुदाय और धर्म के आधार पर बंटवारा किया जाएगा तो पूर्वोत्तर में समस्याओं का समाधान नहीं होगा। गोगोई ने कहा, ‘‘यह कैसा राष्ट्रवाद है जो देश से ज्यादा सत्ता को महत्व देता है?” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आकर बयान दें और मणिपुर का दौरा करें और अपने साथ सभी दलों के लोगों को लेकर आएं। गोगोई ने कहा, ‘‘आज आप (भाजपा) जितना भी नफरत फैलाएं, हम राहुल गांधी जी के नेतृत्व में जगह-जगह मोहब्बत की दुकान खोलेंगे।”

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