बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट को जमीन देकर विस्थापित हुए लोग अब अपने अधिकार और चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियोजन की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई के मैदान में उतर चुके हैं. नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है. अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन विस्थापितों ने बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेटों को पूरी तरह जाम कर दिया है.
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रबंधन नियोजन पर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मांगें पूरी नहीं होने पर अधिकारियों को जूते की माला पहनाकर शहर में घुमाने की चेतावनी भी दी गई है. विस्थापितों के इस आंदोलन से बोकारो स्टील प्लांट के कामकाज पर व्यापक असर पड़ रहा है.
🚚 प्लांट का कामकाज पूरी तरह ठप, वाहनों की लंबी कतारें; कई राजनीतिक दलों का मिल रहा समर्थन
प्लांट में ठेका मजदूरों, स्थायी कर्मचारियों और सामान लेकर आने-जाने वाले वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. गेट के बाहर ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. वहीं, प्रबंधन और जिला प्रशासन लगातार वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विस्थापित नियोजन पर लिखित आश्वासन से कम किसी भी बात पर तैयार नहीं हैं.
आंदोलन को कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो भी विस्थापित अप्रेंटिस संघ के समर्थन में उतर आए हैं. वहीं, बोकारो विधायक श्वेता सिंह भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं.
⚠️ नियोजन पर लिखित आश्वासन की जिद पर अड़े विस्थापित, प्रशासन रख रहा कड़ी नजर
विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रबंधन आज नियोजन पर वार्ता के लिए सामने नहीं आता है, तो नवमी से आंदोलन और उग्र किया जाएगा. इधर, नवरात्र के मद्देनजर बोकारो पुलिस और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. BSL का कहना है कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में लोग वार्ता के लिए आएं, लेकिन विस्थापित अप्रेंटिस संघ मानने को तैयार नहीं है. अभी भी बोकारो से कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह लगातार आठवें दिन भूख हड़ताल पर धरनास्थल पर डटी हुई हैं.
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