Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

सरगुजा में जापानी इंसेफेलाइटिस का संभावित खतरा, सुअरों में पुष्टि के बाद 23 इंसानों के सैंपल लिए गए

22

सरगुजा: जिले के सूअरों में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है. मंगलवार को इन जानवरों के संपर्क में आने वाले लोगों के भी सैंपल लिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सकालो सूअर फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही आस पास के कुल 23 लोगों के सैंपल लिए है. अब इस सैंपल को जांच के लिए रायपुर भेजा जाएगा. रायपुर में इस वायरल के इंसानों में फैलने के मामलों की जांच की जाएगी.

120 सुअरों के सैंपल में 61 पॉजिटिव: अक्टूबर महीने के पहले दिन ही सरगुजा जिले में जानलेवा वायरल जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी. पशु चिकित्सा सेवा ने जापानी इंसेफेलाइटिस के संदेह पर सरगुजा जिले के अंबिकापुर, लुंड्रा, बतौली, सीतापुर, मैनपाट क्षेत्र से 120 सूअरों के सैंपल लिए थे. सैंपल को जांच के लिए आईसीएआर निवेदी बेंगलुरु भेजा गया था. इस दौरान जांच में कुल 61 सैंपल में जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की पुष्टि हुई है.

मच्छर के काटने से फैलता है: जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पशु चिकित्सा विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर चेतावनी जारी की गई. साथ ही एसओपी का पालन करते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए. सबसे बड़ी बात यह है कि यह वायरल मच्छर के काटने से फैलता है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को सतर्कता बरतते हुए इंसानों के भी सैंपल लिए हैं.

रायपुर एम्स जाएगा सैंपल: सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को के निर्देश पर मलेरिया विभाग की टीम ग्राम सकालो पहुंची और सूअर फार्म सहित आस पास के लोगों के कुल 23 सैंपल लिए गए. वर्तमान में सरगुजा जिले में इसके जांच की सुविधा नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि इन सैंपल को जांच के लिए रायपुर एम्स भेजा जाएगा और वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा.

जापानी इंसेफेलाइटिस क्या है?

  • यह एक मच्छर से फैलने वाली बीमारी है. इसे जापानी बुखार भी कहते हैं.
  • यह जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस (JEV) के कारण होती है.
  • यह वायरस इंसान के मस्तिष्क को प्रभावित करता है और सूजन पैदा करता है.

संक्रमण कैसे फैलता है?

  • JE वायरस से संक्रमित मच्छर (खासकर Culex मच्छर) जब इंसान को काटता है तो यह बीमारी हो सकती है.
  • मच्छर पहले किसी संक्रमित सूअर या पक्षी को काटता है, फिर इंसान को काटता है – तब वायरस फैलता है.
  • यह बीमारी इंसान से इंसान में नहीं फैलती.

जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण (Symptoms)

  • शुरुआत में बुखार, सिर दर्द, उल्टी, थकान या सुस्ती लग सकती है.
  • संक्रमण बढ़ने पर तेज बुखार के साथ मानसिक भ्रम, गर्दन में अकड़न, बच्चों में दौरे (Fits), बेहोशी या कोमा
  • आगे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे लकवा, बोलने में कठिनाई हो सकती है.

बचाव के उपाय

  • मच्छरों से बचाव करें (मच्छरदानी, क्रीम, साफ-सफाई आदि)
  • सूअरों को रिहायशी इलाकों से दूर रखें
  • इसका टीका मौजूद है, जिससे बचाव किया जा सकता है.
  • JE वैक्सीन लगवाएं (विशेषकर बच्चों को)

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.