भारत विरोधी तुर्की के राष्ट्रपति बना रहे ऐसा संविधान, जिनपिंग से लेकर किम जोंग उन तक पकड़ लेंगे माथा
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन उनके कदम तानाशाही की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं. भारत और पश्चिम के कई मुद्दों पर मुखर विरोध करने वाले एर्दोआन अब अपने लिए एक ऐसा संविधान लिखवाना चाहते हैं जो उन्हें 2028 के बाद भी सत्ता में टिकाए रखे. जिस तरह से वे विरोधियों को जेल भेज रहे हैं और सोशल मीडिया पर सेंसरशिप लगा रहे हैं, उससे ये कहना गलत नहीं होगा कि एर्दोआन अब जिनपिंग और किम जोंग उन जैसी आजन्म सत्ता की तैयारी में हैं.
एर्दोआन का दावा है कि वे जो संविधान में बदलाव चाहते हैं, वह देश की जरूरतों को देखते हुए है. लेकिन उनके हालिया बयानों और राजनीतिक गतिविधियों से ऐसा लगता है कि वे 2028 के बाद भी सत्ता में बने रहना चाहते हैं. एर्दोआन 2003 से पहले प्रधानमंत्री रहे और 2014 से राष्ट्रपति हैं. मौजूदा संविधान के अनुसार वे 2028 में तीसरा कार्यकाल पूरा कर लेंगे, लेकिन उसके बाद चुनाव नहीं लड़ सकते जब तक कि या तो संविधान ना बदले या जल्दी चुनाव ना हों.
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