Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नलखेड़ा मां बगलामुखी के दरबार में गूंजे वैदिक मंत्र, म. प्र. मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रत... आगर-मालवा जिला मुख्यालय पर पत्रकारों ने उत्साह से निकाली तिरंगा यात्रा नागपंचमी पर आस्था का महासैलाब: नागलवाड़ी भिलट देव में 4 लाख भक्तों ने टेका मत्था; महाकाल पहुंचे क्रि... निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर: भोपाल से शुरू हुआ 'बेहतर सिटी अभियान', वार्ड-वार्ड जाकर उठाए... सड़क हादसे के बाद AIIMS भोपाल में युवक हुआ ब्रेन-डेड, परिजनों ने लिया अंगदान का फैसला छिंदवाड़ा में खाद वितरण पर लगी अंतरिम रोक: धांधली के आरोपों के बीच किसानों का चक्काजाम, स्टॉक सत्याप... छिंदवाड़ा: सावन-भादों में पलाश के पत्तों से जीवंत हो रही सदियों पुरानी परंपरा, आजीविका और आस्था का अ... श्योपुर के रघुनाथपुर में स्कूल की छत भरभराकर गिरी, शाम का समय होने से टला बड़ा हादसा ग्वालियर SP ऑफिस में कांग्रेस जिला महामंत्री राजेश किरार ने खाया जहर, अस्पताल में मौत; सुसाइड नोट मे... हथियार ढूंढने गई थी पुलिस, अलमारी से निकला 3 करोड़ रुपयों का अंबार; नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मश...

Iran Taliban Conflict: ईरान विवाद पर तालिबान ने अमेरिका को दिखाए तेवर, जानें पाकिस्तान का क्या है स्टैंड

26

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर हमले के धमकी दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो इसके बुरे परिणाम होंगे. जहां ये तनाव खाड़ी देशों में चिंता बनाए हुए हैं, वहीं ईरान की पूर्वी सीमा पर हलचल तेज है.

अफगान सरकार के स्पोक्सपर्सन ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने रविवार को कहा कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान पर कोई हमला होता है, तो अफगानिस्तान के लोग अपने ईरानी भाइयों को अलग-अलग तरह से एकजुटता और सपोर्ट देंगे. वहीं पाकिस्तान अमेरिका के सामने ईरान के साथ खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और चुप्पी साधे हुए है.

ईरान को तालिबान का खुला साथ

ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने आगे कहा कि ईरान 12 दिन की लड़ाई में जीत गया है और इस बात पर ज़ोर दिया कि तेहरान जीतने और भविष्य में होने वाले किसी भी हमले से खुद को बचाने में काबिल है. पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में ईरान के एम्बेसडर, अलीरेजा बिकदेली ने कहा कि तेहरान कई सेक्टर में काबुल के साथ रिश्ते मज़बूत करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि ईरान को तालिबान की सरकार को मान्यता देने से रोकने वाली कोई रुकावट नहीं है और इशारा किया कि ऐसी मान्यता जल्द ही मिल सकती है. इससे पहले ईरान का मजबूत अलाय रूस तालिबान सरकार को मान्यता दे चुका है.

पाकिस्तान क्यों खामोश?

ईरान और पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंध हैं और पाकिस्तान ईरान के साथ एक लंबी सीमा साझा करता है. पाकिस्तान अक्सर मुस्लिम दुनिया की रक्षा के लिए लंबी-लंबी बाते करता आया है. लेकिन अमेरिका के सामने आसिम मुनीर से लेकर शहबाज शरीफ सब चुप हैं.

जानकारों का मानना है कि ट्रंप ने पाकिस्तान को गाजा के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में अहम जगह दी है. वहीं पाकिस्तान ट्रंप प्रशासन के साथ कई तरह डील कर रहा है, साथ IMF जैसे संस्थानों से मदद के लिए उसको अमेरिका की जरूरत है. यही वजह हो सकती हैं, जो पाकिस्तान ईरान के साथ आने से डरता दिख रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.