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नाम-भेष और धर्म बदला, फिर भी नहीं बच पाया! 36 साल पुराने मर्डर केस का कातिल मुरादाबाद से गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी सफलता

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बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों में अक्सर देखते हैं कि अपराध करने के बाद अपराधी नाम, भेष और जगह बदलकर वर्षों तक पुलिस से बचते फिरते हैं. यह सुनने में फिल्मी लगता है, लेकिन बरेली में बिल्कुल ऐसी ही एक घटना सामने आई है. यहां एक हत्या के आरोपी ने न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि अपना धर्म तक बदल लिया और 36 साल तक पुलिस और अदालत से बचता रहा. लेकिन अब बरेली पुलिस ने उसकी पूरी कहानी का पर्दाफाश करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है.

पूरा मामला थाना प्रेमनगर क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक प्रदीप कुमार सक्सेना नाम का यह व्यक्ति वर्ष 1980 के दशक में धारा 302 और 379 के गंभीर मामलों में वांछित था. लंबे समय तक कोर्ट की कार्यवाही से बचने के लिए वह घर-परिवार छोड़कर गायब हो गया था.

इसी दौरान उसने अपने आपको पूरी तरह बदल लिया. पुलिस बताती है कि प्रदीप ने अपना नाम बदलकर अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर रख लिया. इतना ही नहीं, उसने मुस्लिम धर्म अपनाकर अपनी जिंदगी मुरादाबाद के मोहल्ला करूला में बसाई और वहीं ड्राइवरी का काम करने लगा. उसे यकीन था कि नई पहचान में वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा और उसकी जिंदगी ऐसे ही कटी रहेगी.

हकीकत में यह चाल लंबे समय तक चली भी, लेकिन कानून से बचना आखिर संभव नहीं हुआ. 36 साल पुरानी यह फाइल एक बार फिर खुली जब हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया.

हाईकोर्ट का आदेश और पुलिस की सक्रियता

बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2025 को बरेली पुलिस को साफ निर्देश दिया था कि आरोपी को चार हफ्ते के भीतर गिरफ्तार करके सीजेएम बरेली की कोर्ट में पेश किया जाए. आदेश मिलते ही एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की.

टीम ने सबसे पहले आरोपी के पैतृक कस्बे शाही में जांच शुरू की. लेकिन वहां के लोगों ने बताया कि प्रदीप करीब तीन दशक पहले ही घर छोड़कर चला गया था और उसके बाद से वह कभी दिखाई नहीं दिया. इससे पुलिस को अंदाजा लग गया कि वह कहीं नई पहचान के साथ रह रहा है.

ड्राइवरी करता था आरोपी

इसके बाद टीम आरोपी के भाई सुरेश बाबू तक पहुंची, जो किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला साहूकारा में रहता है. सुरेश और उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि प्रदीप अब मुस्लिम धर्म अपना चुका है और मुरादाबाद के करूला इलाके में रहकर ड्राइवरी करता है. यह जानकारी पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई.

इस सुराग के आधार पर टीम बिना देर किए मुरादाबाद पहुंची और वहां की छानबीन में प्रदीप, उर्फ अब्दुल रहीम को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद स्वीकार भी किया कि वह नए नाम से रहकर पुलिस और अदालत से बचने की कोशिश कर रहा था.

एसपी सिटी मानुष परिक ने बताया कि यह मामला पुलिस के लिए चुनौती जैसा था. इतने साल पुरानी फाइल, बदला हुआ नाम, बदला धर्म और दूसरी जगह पर नई जिंदगी इन सबके बावजूद भी पुलिस ने कड़ी मेहनत से आरोपी तक पहुंचने का रास्ता खोज निकाला. उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत के आदेश अनुसार सीजेएम बरेली की अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी.

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