Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर में भव्य कलश यात्रा में की वर्चुअल सहभागिता, भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... भारत के रणनीतिक 'चिकन नेक' गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजू... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह...

देशभर में सड़क हादसों को कम करने के लिए स्टडी करेगा आइआइटी इंदौर

48

इंदौर। देश की सड़कों का आडिट करने के लिए केंद्र सरकार ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत देशभर के प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आइआइटी और एनआइटी के छात्र सड़कों का आडिट करेंगे। इस प्रोग्राम में विद्यार्थियों को सड़क हादसों को कम करने पर काम करना होगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर के सर्वोच्च इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट और इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को इस प्रोग्राम को लेकर स्टडी कराने की बात कही है। इसी के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) इंदौर के विद्यार्थी भी इस प्रोग्राम में शामिल होंगे। वे रोड सेफ्टी का आडिट भी करेंगे, यानी सड़कों पर अंधे मोड़ और ब्लैक स्पाट की खोज कर सड़क हादसों को कैसे कम करें, इसका हल निकलेंगे।

ऐसे स्पाट को भी उजागर करेंगे जहां सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं

ब्लाइंड स्पाट्स ऐसे पाइंट होते हैं जहां उल्टी तरफ से आ रही गाड़ियों की विजिबिलिटी कम होती है। वहीं, ब्लैक स्पाट्स यानी वो पाइंट्स जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। विद्यार्थी इसके लिए सीधे फील्ड पर काम करेंगे और देशभर में सड़कों पर ऐसे स्पाट्स को उजागर करेंगे, जहां सबसे ज्यादा हादसे की घटनाएं रिपोर्ट हुई हों। विद्यार्थी सड़कों पर ऐसे स्पाट को भी स्टडी करेंगे, जहां अक्सर हादसे होते हैं।

नई सड़कों में जुड़ेंगे रोड सेफ्टी आडिट के पाइंट्स

इसके अलावा अब देश में जहां भी नई सड़क बनाई जाएगी, तो उसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में रोड सेफ्टी आडिट से जुड़े पाइंट्स भी जोड़े जाएंगे। अगर किसी हादसे के बाद हुई जांच में यह पता चलता है कि रोड के कंस्ट्रक्शन में गड़बड़ी होने की वजह से हादसा हुआ तो रोड कंस्ट्रक्शन में शामिल एजेंसी या कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.