दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में दीपोत्सव के पावन पर्व से ठीक पहले हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर और चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। हवा की धीमी चाल और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद हुई आतिशबाजी के कारण दिल्ली के करीब 23 प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के गंभीर आंकड़े को पार कर चुका है। आज यानी 8 नवंबर 2026 की सुबह 7:05 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 384 दर्ज किया गया है, जो कि ‘बहुत खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आता है। शहर के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर इस प्रकार दर्ज किया गया है:
पिछले 10 वर्षों में दिवाली से पहले की सबसे खराब स्थिति, लगातार बढ़ रहा है प्रदूषण का ग्राफ
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार दिवाली से एक ठीक पहले दिल्ली की हवा पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक प्रदूषित और बीते 11 वर्षों में दूसरी सबसे खराब दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों के दौरान रिकॉर्ड किए गए AQI के आंकड़े इस प्रकार रहे हैं: 7 नवंबर को 369, 6 नवंबर को 382, 5 नवंबर को 369, 4 नवंबर को 377, 3 नवंबर को 350, 2 नवंबर को 324 और 1 नवंबर को 261 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 8 और 9 नवंबर को प्रदूषण का यह स्तर और अधिक बिगड़कर बेहद गंभीर श्रेणी में ही बने रहने की पूरी आशंका है।
तापमान में धीरे-धीरे आ रही है गिरावट, मौसम के मिदजाद में बदलाव से बढ़ सकती है ठिठुरन
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच अब दिन और रात के तापमान में भी क्रमिक गिरावट दर्ज की जाने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री यानी 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। बीते शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस (जो कि सामान्य से 1 डिग्री अधिक था) तथा न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
प्रशासन सख्त, केवल ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति— नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित और अधिकृत ‘ग्रीन पटाखे’ जलाने की ही अनुमति दी है। इसके लिए समय-सीमा तय की गई है, जिसके तहत आज 8 नवंबर को केवल सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। इसके अलावा अस्पतालों, हेल्थ सेंटर्स, वृद्धाश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के 300 मीटर के दायरे (साइलेंस जोन) में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बेरियम युक्त पटाखों, पारंपरिक भारी पटाखों और लड़ियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक है। नियमों का उल्लंघन करने पर पटाखे जब्त किए जाएंगे, विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त होंगे और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर सख्त अभियोजन कार्रवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशानुसार 9 नवंबर से पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा।
जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग समेत इन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा जहरीली, AQI पहुंचा 450 के करीब
राजधानी के कुछ विशेष क्षेत्रों में स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है। जहांगीरपुरी में हवा की गुणवत्ता सबसे अधिक खराब है, जहां AQI 450 दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरके पुरम में 448, रोहिणी में 445, पंजाबी बाग में 449, एनएसआईटी द्वारका में 441, आईआईटी दिल्ली में 445 और बवाना में 446 AQI रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली के ये वो अतिसंवेदनशील इलाके हैं जहां जहरीली हवा के कारण लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है।
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