यूपी-उत्तराखंड में सक्रिय अवैध ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुरादाबाद पुलिस ने 2000 कोडीन सिरप की बोतलों के साथ सरगना को दबोचा
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ मुरादाबाद पुलिस को एक बहुत बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। जनपद के कटघर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कल्याणपुर अंडरपास के पास पुलिस द्वारा की गई सख्त नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध चार पहिया वाहन से कोडीन सिरप की कुल 2,000 अवैध और प्रतिबंधित बोतलें बरामद की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में इन जप्तशुदा बोतलों की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट के मुख्य सरगना फहीम को धर दबोचा है, हालांकि उसके दो अन्य सहयोगी मौके से फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे हैं।
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने प्रेसवार्ता में किया बड़ा खुलासा, हरिद्वार से मुरादाबाद लाई जा रही थी नशे की अवैध खेप
इस सनसनीखेज खुलासे की जानकारी देते हुए मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी सिटी) रणविजय सिंह ने एक आधिकारिक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सीओ कटघर और एसएचओ कटघर की संयुक्त पुलिस टीमों को एक बेहद पुख्ता और गोपनीय इनपुट मिला था कि उत्तराखंड के हरिद्वार से नशे की एक भारी खेप तस्करी करके मुरादाबाद लाई जा रही है। इसी सटीक सूचना के आधार पर पुलिस दल ने कल्याणपुर अंडरपास के समीप पुख्ता जाल बिछाया। चेकिंग के दौरान जब एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से कोडीन सिरप की करीब दो हजार बोतलें बरामद हुईं। कार को ड्राइव कर रहे कटघर के करूला इलाके के रहने वाले मुख्य आरोपी फहीम को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी ‘राणा’ से जुड़ा था सप्लायर का तार, भोजपुर के अकबरपुर गांव में किराए पर ले रखा था सेफ हाउस
पुलिस द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी फहीम ने कई चौकाने वाले राज उगले हैं। उसने स्वीकार किया कि यह पूरा गिरोह उत्तराखंड के हरिद्वार में रहने वाले ‘राणा’ नाम के एक व्यक्ति से अवैध रूप से कोडीन कफ सिरप की यह खेप खरीदकर मुरादाबाद लाता था। इस अवैध माल को सुरक्षित तरीके से डंप करने के लिए गिरोह ने मुरादाबाद के ही भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबरपुर गांव में एक मकान किराए पर ले रखा था। इस किराए के मकान में बोतलों का स्टॉक छिपाकर रखा जाता था, और फिर वहां से स्थानीय सप्लायर्स तथा चुनिंदा मेडिकल स्टोर संचालकों के माध्यम से आसपास के जिलों और नशे के आदी लोगों तक इसकी सप्लाई पहुंचाई जाती थी।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की विशेष टीमें, नवाज और आसिफ के ठिकानों पर की जा रही है लगातार दबिश
पूछताछ के दौरान मुख्य सरगना फhiim ने अपने दो अन्य फरार साथियों— नवाज और आसिफ (दोनों निवासी सट्टू नगला, थाना मूंढापांडे) के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस प्रशासन इन दोनों फरार अपराधियों की सुरागरसी कर रहा है और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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