Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Leopard Attack in Maharashtra: बिजली कटते ही गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने बोला हमला, मासूम बच्चे ... Viral Video from Bihar: भागलपुर-दानापुर एक्सप्रेस में स्नैचर की करतूत, यात्रियों ने पकड़ा तो जान की ... Police Headquarters Ranchi: कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट और हार्ट सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत, ... Khunti Sadar Hospital: इलाज के दौरान मजदूर की मौत से शोक, ठेकेदार और परिजनों ने दी घटना की जानकारी Ganga Erosion in Sahibganj: खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही गंगा, रेलवे ट्रैक और नदी के बीच की द... Kanker News: उत्तर बस्तर कांकेर में वन्यजीवों की दस्तक, शहर के मठ में दिखा तेंदुआ तो पानी की टंकी पर... Archaeological Circuit in MP: एरण, ओरछा, सांची और भोजपुर को एक सूत्र में पिरोने की तैयारी, देशी-विदे... Train Timings 2026: 5 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगी वलसाड-दानापुर स्पेशल ट्रेन, जानें पूरा शेड्यूल और... Teacher Promotion in MP: शिक्षकों को करना होगा थोड़ा और इंतजार, पात्रता परीक्षा के बाद करीब 30 हजार ... Gwalior News: पड़ाव थाने के सामने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग, दुकान में घुसकर मिठाई विक्रेता को मार...

Kharif Crop Girdavari Korba: किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, समय पर गिरदावरी न होने से धान पंजीयन और मुआवजे पर संकट

4

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ फसलों की गिरदावरी (फसल का रकबा और विस्तृत विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया) को लेकर प्रशासनिक खींचतान और संकट गहराता जा रहा है। पटवारियों के बाद अब ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी नए ‘पीवी एप’ (PVApp) के माध्यम से गिरदावरी का कार्य करने से साफ इनकार कर दिया है। नाराज कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इस अतिरिक्त और गैर-विभागिय कार्य से मुक्त नहीं किया गया, तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस संबंध में कृषि अधिकारियों ने जिला कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस कार्य से पूरी तरह अलग रखने का निवेदन किया है।

🚫 अधर में लटकी खरीफ फसल गणना की प्रक्रिया: राजस्व विभाग के कार्य का कृषि अमले पर थोपे जाने का विरोध

नियमों और पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार हर साल फसल की गिरदावरी राजस्व विभाग के मैदानी अमले यानी पटवारियों द्वारा की जाती है, जिसके आधार पर खसरा-वार सटीक डेटा तैयार होता है। इस वर्ष शासन ने 18 सितंबर को नए पीवी एप के जरिए गिरदावरी करने के निर्देश दिए थे। शुरुआत में पटवारियों ने तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों का हवाला देकर इससे इनकार किया, जिसके बाद यह जिम्मा कृषि विभाग के मैदानी अमलों को सौंप दिया गया। कृषि विस्तार अधिकारियों का तर्क है कि वे पहले से ही किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, फसल सुरक्षा और सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे हैं, ऐसे में उन पर राजस्व विभाग का अतिरिक्त बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है।

⚠️️ किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें: धान पंजीयन और मुआवजा वितरण पर मंडराया संकट

दोनों प्रमुख विभागों के मैदानी अमले द्वारा काम के बहिष्कार से खरीफ फसलों की गिरदावरी का कार्य बीच में ही अधर में लटक गया है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो इसका सीधा और गंभीर असर अन्नदाता किसानों पर पड़ेगा। समय पर गिरदावरी न होने के कारण किसानों को आगामी धान खरीदी पंजीयन, सरकारी योजनाओं का लाभ, फसल बीमा और प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के मुआवजे के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, अतिरिक्त कलेक्टर (एडीएम) देवेंद्र पटेल ने कहा है कि गिरदावरी मूल रूप से राजस्व विभाग का कार्य है जिसमें कृषि अधिकारियों को भी जोड़ा गया था, सॉफ्टवेयर संबंधी शिकायतों को दूर कर आपसी समन्वय के साथ जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.