Leopard Attack in Maharashtra: बिजली कटते ही गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने बोला हमला, मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत
महाराष्ट्र के सातारा तालुका स्थित शिवथर के पास न्हाळेवाड़ी गांव से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार की रात जैसे ही गांव में बिजली कटी, घर के आंगन में खेल रहे दो साल के मासूम बच्चे पर एक खूंखार तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ मासूम को अपने जबड़े में दबाकर पास ही स्थित गन्ने के घने खेतों की तरफ भाग निकला। जब तक ग्रामीण और परिजन बच्चे को ढूंढ पाते, तब तक उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में भारी दहशत और वन विभाग के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश व्याप्त है।
🔦 अंधेरे का फायदा उठाकर हुआ हमला: गन्ने के खेत और नाले के पास मिला मासूम का क्षत-विक्षत शव
मृतक बच्चे की पहचान 2 वर्षीय जय संदीप खंडागळे के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात अचानक पावर कट होने के कारण अंधेरा छा गया था और इसी का फायदा उठाकर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने आंगन से बच्चे को दबोच लिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तेंदुए के पीछे दौड़े और खून के निशानों का पीछा करते हुए काफी तलाश के बाद गांव के पास एक नाले के करीब मासूम का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। बच्चे का शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
😡 वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भड़के ग्रामीण: आदमखोर तेंदुए को पकड़ने और मुआवजे की उठी मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही थी जिसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गुस्साई भीड़ ने मांग की है कि आदमखोर तेंदुए को तुरंत पिंजरा लगाकर पकड़ा या ट्रेंकुलाइज किया जाए, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए और पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।
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