श्योपुर में एक्शन मोड में जिला पंचायत CEO! ‘सिंघम’ अवतार देख मची खलबली, अफसरों-कर्मचारियों के उड़े होश
श्योपुर : जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सौम्या आनंद ने कराहल क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने सबसे पहले सेसईपुरा के बालक छात्रावास आश्रम का औचक निरीक्षण किया. छात्रावास के संचालन में कमी पाए जाने पर अधीक्षक को पद से हटाने का आदेश दिया.
उन्होंने कराहल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण कर एचपीवी वेक्सिनेशन कार्य में लापरवाही पर बीएमओ और बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया. साथ ही पंचायत सचिव और रोजगार सहायक समेत गौशाला संचालक को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर एक दिन का वेतन रोका.
हॉस्टल में गड़बड़ी की शिकायत कलेक्टर से
सेसईपुरा के हॉस्टल में अधीक्षक दोपहर 01 बजे छात्रावास पहुंचते थे और शाम 5 बजे घर चले जाते थे. रात में बिना अधीक्षक के छात्र रहने को मजबूर थे. इस बात की पुष्टि छात्रों और शिक्षक समेत अधीक्षक ने भी की. हॉस्टल में करीब 50 बच्चे रजिस्टर्ड हैं. जब इसकी शिकायत कलेक्टर अर्पित वर्मा के पास पहुंची तो उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए. शुक्रवार को जब जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने निरीक्षण किया तो बच्चों की उपस्थिति कम मिली. हॉस्टल परिसर में साफ सफाई नहीं मिली. हॉस्टल के संचालन में कमी देखने को भी मिली.
हॉस्टल अधीक्षक को हटाने का आदेश
जिला पंचायत सीईओ ने एक्शन लेते हुए अधीक्षक को पद से हटाने का आदेश दिया. जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने ग्राम पंचायत बांसेड के उप स्वास्थ केंद्र का भी निरीक्षण किया. उपस्थित सीएचओ को एचपीवी वेक्सिनेशन एवं दस्तक अभियान में प्रगति बढ़ाने हेतु निर्देश दिया. इसके अलावा सेसईपुरा पंचायत भवन परिसर में साफ सफाई तथा व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर एक वेतन वृद्धि रोकने तथा ग्राम रोजगार सहायक को एक दिवस के लिए अवैतनिक करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया.
गौशाला में भी मिली अनियमितता
इसके अलावा गौ शाला का संचालन पर्याप्त संख्या में गौवंश की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने पर गौ शाला संचालक और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. कराहल स्वास्थ केंद्र के बीएमओ एवं बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने बताया “शुक्रवार को कराहल विकासखंड क्षेत्र में पंचायत, उप स्वास्थ केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत समेत बालक छात्रावास और गौशाला का निरीक्षण किया गया. यहां अधीक्षक की लापरवाही पर अधीक्षक विजय सोलंकी को अधीक्षकीय पद से हटाने और वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए.”
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