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जबलपुर में ‘अपना घर’ खरीदना हुआ सपना! 800 SqFt के लिए देने होंगे 60 लाख, अवैध कॉलोनियों में बसने को मजबूर लोग

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जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर में संपत्ति के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसी स्थिति में आम आदमियों के सामने छोटा सा घर बनाना भी सपना बनकर रह गया है. जबलपुर कलेक्टर ने हिदायत दी है कि, अवैध कॉलोनीयों का निर्माण किया गया तो कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्यवाही होगी. वहीं, दूसरी तरफ सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाली कालोनियां कई सालों तक तैयार नहीं हो पा रही हैं. ऐसी स्थिति में आम आदमी के पास अवैध कॉलोनी में रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

800 वर्ग फीट में बने घर की कीमत 60 लाख रुपए
जबलपुर के आईएसबीटी से लगभग 1 किलोमीटर दूर कटंगी रोड पर एक कॉलोनी में प्लॉट की कीमत ₹5200 प्रति फिट है. यहां मात्र 800 वर्ग फीट में बना हुआ घर 60 लाख रुपए का बेचा जा रहा है. जबकि यह स्थान रेलवे स्टेशन से लगभग 8 किलोमीटर दूर है. इसी तरह जबलपुर के mr4 रोड से 1 किलोमीटर भीतर जबलपुर विकास प्राधिकरण की 41 नंबर की स्कीम के पास प्लॉट के दाम 6200 से 7500 रुपया प्रति वर्ग फिट है. जबलपुर विकास प्राधिकरण के 41 नंबर स्कीम के पास प्लॉट के रेट ₹8000 तक पहुंच गए हैं.

1 बीएचके फ्लैट की कीमत 16 लाख
शहर के एकता चौक के पास की कॉलोनी में प्लाट के दाम ₹12000 प्रति वर्ग फिट हो गए हैं. यादव कॉलोनी में भी लगभग प्लॉट के दाम ₹12000 प्रति वर्ग फिट है. जबलपुर विकास प्राधिकरण शताब्दीपुरम बाजना मठ और मदन महल में 8 एमआइजी फ्लैट बेच रहा है, जिनकी शुरुआती कीमत 40 लाख रुपए रखी गई है. 44 नग एमआइजी फ्लैट्स बेचे जा रहे हैं जिनकी शुरुआती कीमत 20 लाख रुपया है. इसी तरह 1 बीएचके फ्लैट बेचे जा रहे हैं, जिनकी कीमत 16 लाख रुपया है. हालांकि यह शुरुआती कीमत है इसके ऊपर लोगों को अपनी बिड भरनी है.

नरसिंहपुर से जबलपुर नौकरी के सिलसिले में आए नितिन राजपूत का कहना है कि, ”वह घर खरीदना चाह रहे हैं, लेकिन प्लॉट और घरों की कीमत इतनी ज्यादा है कि उनका बजट ही नहीं बन पा रहा है. निजी क्षेत्र में रेरा से अप्रूव्ड कॉलोनी में प्लॉटों के दाम बहुत ज्यादा है. ऐसी स्थिति में उनके सामने एक ही विकल्प है कि वह अवैध कॉलोनी में घर ले लें. क्योंकि शहर की कई अवैध कॉलोनी में प्लॉट के दाम ₹2000 से लेकर ₹3000 प्रति स्क्वायर फीट के बीच में हैं. हालांकि यहां पर बिजली पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं.”

JABALPUR PROPERTY LAND RATES

तो कॉलोनी को कर देंगे अवैध घोषित
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कॉलोनाइजर्स की मीटिंग ली है. जिसमें उन्होंने लोगों को हिदायत दी है कि, ”वह सरकार के बताए नियमों के अनुसार ही कॉलोनी को डेवलप करें वरना उनके खिलाफ कार्यवाही होगी और उनकी कॉलोनी न केवल अवैध घोषित की जाएगी. बल्कि अवैध कॉलोनी बेचने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी.” राघवेंद्र सिंह का कहना है कि अवैध कॉलोनियों की वजह से इन कॉलोनी में रहने वाले लोग परेशान होते हैं.”

अवैध कॉलोनियों में रहने को मजबूर लोग
जबलपुर शहर में बड़े पैमाने पर निजी बिल्डर कॉलोनी डेवलप करते हैं. पहले यह काम हाउसिंग बोर्ड भी करता था. लेकिन आजकल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी डेवलप नहीं कर रहा है. वहीं, शहर में दूसरी सबसे बड़ी एजेंसी जबलपुर विकास प्राधिकरण है, इनके पास अभी भी लगभग 600 एकड़ जमीन में 61 और 65 नंबर स्कीम तैयार की जा रही है. लेकिन 15 साल पहले 41 नंबर स्कीम आने के बाद 15 साल से कोई स्कीम अब तक नहीं आई है. 61 और 65 नंबर में प्लाटों के बेचने का सिलसिला अभी काम से कम 2 साल और नहीं किया जा सकता.

निजी बिल्डर के प्लाट बहुत महंगे हैं. सरकारी योजनाओं में बनने वाली कालोनियां अधूरी पड़ी हुई हैं. ऐसी स्थिति में मध्यम वर्गीय परिवार अवैध कॉलोनियों में आसरा खोज रहा है. इसलिए शहर में बड़े पैमाने पर अवैध कालोनियां बनती जा रही है. इन कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं की कमी है लेकिन आम आदमी इन्हीं छोटे-छोटे घरों में रहने के लिए मजबूर हैं.

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