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Van Rakhi Movement: वन राखी मूवमेंट के 50 साल पूरे! पलामू में खुलेगा दुनिया का पहला ‘पर्यावरण धर्म मंदिर’, अमेरिका से आएंगे मेहमान

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पलामू: पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने और उन्हें बचाने का संकल्प लेने के अभियान को 50 साल हो गए हैं. विश्व व्यापार पर्यावरण संरक्षण अभियान एवं वन राखी मूवमेंट की शुरुआत करने वाले कौशल किशोर जायसवाल हैं. जिनके नेतृत्व में 1977 में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने के अभियान की शुरुआत हुई थी. कौशल किशोर जायसवाल पलामू के छतरपुर के डाली के रहने वाले हैं.

12 फरवरी को उद्घाटन होने वाला है

पलामू के छतरपुर के इलाके में पर्यावरण धर्म मंदिर परिसर का उद्घाटन 12 फरवरी को होने वाला है. कौशल किशोर ने ही पर्यावरण धर्म मंदिर की स्थापना की है. पर्यावरण धर्म मंदिर का उद्घाटन अमेरिका के लेखक रिसर्चर एवं पर्यावरणविद् जॉर्ज जेम्स के साथ-साथ अप्पिको आंदोलन के प्रणेता पांडुरंगा हेगड़े, नेपाल के पर्यावरणविद् सरोज कुमार शर्मा करेंगे.

200 से अधिक प्रजाति के पौधे उपलब्ध

पलामू की छतरपुर के डाली गांव में पर्यावरण धर्म मंदिर बनाया गया है. इस मंदिर में 22 देशों के 200 से भी अधिक प्रजाति के पेड़ एवं पौधों को लगाया गया है. कई ऐसे पेड़ एवं पौधे इस मंदिर में मौजूद हैं जो विलुप्ति के कगार पर हैं. छतरपुर के जिला परिषद सदस्य अमित जायसवाल ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं.

वन राखी मूवमेंट की शुरुआत 1977 में हुई थी

उन्होंने बताया कि कौशल किशोर जायसवाल के नेतृत्व में 1967 में जंगल लगाओ जंगल बचाओ अभियान की शुरुआत की गई थी. जबकि 1977 में वन राखी मूवमेंट की शुरुआत हुई थी. उन्होंने बताया कि वन राखी मूवमेंट 1977 में शुरू हुआ था और आज के समय में पर्यावरण की रक्षा करना बहुत जरूरी है. एनवायरनमेंटलिस्ट कौशल किशोर जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण धर्म मंदिर में 22 देशों के 200 से अधिक प्रकार के पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से कई ऐसे भी हैं जो विलुप्त की श्रेणी में हैं.

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