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Nigam Chunav 2026: ऑटो-टोटो चालकों को निगम चुनाव से बड़ी उम्मीद; ‘पार्किंग नहीं तो वोट नहीं’ के सुर हुए तेज

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धनबाद: शहर में हजारों ऑटो और टोटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं. लेकिन इनके लिए न तो पक्के स्टैंड हैं और न ही पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था. नगर निगम चुनावी माहौल के बीच मंगलवार को ऑटो और टोटो चालकों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. ऑटो ड्राइवरों का कहना है जब स्टैंड ही नहीं दिया जाएगा तो गाड़ी कहां खड़ी करें. आए दिन ड्राइवरों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

धनबाद शहर में करीब 25 हजार ऑटो और 11 हजार टोटो चल रहे हैं. लेकिन इनके लिए एक भी व्यवस्थित और स्थायी स्टैंड नहीं है. चालकों का कहना है कि मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ता है. जिससे न सिर्फ यातायात बाधित होती है, बल्कि पुलिस कार्रवाई और चालान का भी डर बना रहता है. खासकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और अस्पताल क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति रहती है. जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है.

शहर में ऑटो पार्किंग की नहीं है व्यवस्था

ऑटो चालकों ने बताया कि शहर में समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं. इससे सड़कों की चौड़ाई कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. पैदल चलने वाले, छात्रों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पार्किंग तलाशने में वाहन बार-बार चक्कर लगाते हैं, जिससे ईंधन की बर्बादी, प्रदूषण और मानसिक तनाव भी बढ़ता है.

परिवहन और ट्रैफिक विभाग ऑटो-टोटो के रूट निर्धारण से बचता नजर आ रहा है. रूट तय करने में एसोसिएशन के बीच सहमति और विवाद की आशंका के कारण यह मामला पिछले दो वर्षों से फाइलों में ही अटका हुआ है. ऑटो चालकों ने कई चौक-चौराहों पर अवैध वसूली का आरोप भी लगाया. उनका कहना है कि जहां ऑटो स्टैंड नहीं है, वहां एजेंट सड़क पर वाहन खड़ा करवाकर चालकों से पैसे वसूलते हैं. कई बार सवारी नहीं मिलने के बावजूद उन्हें वसूली देनी पड़ती है. जबकि ट्रैफिक पुलिस अलग से चालान काट देती है.

सड़क पर सवारी उतारने चढ़ाने में हो सकती है अनहोनी

ऑटो चालकों ने कहा कि सड़क पर हड़बड़ी में सवारी उतारना पड़ता है, इस डर से कि कहीं ट्रैफिक पुलिस ना आ जाए. इस हड़बड़ी में सवारी के साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है. चालकों ने कहा कि पार्किंग और ठहराव की व्यवस्था होने से लोग ऑटो पड़ाव पहुंचेंगे, जहां आराम से ऑटो, टोटो में ना सिर्फ सवार हो सकेंगे, बल्कि सुरक्षित रूप से उतर भी सकेंगे. ऑटो चालकों ने कहा कि नगर निगम चुनाव से उन्हें काफी उम्मीदें हैं. जो भी मेयर चुने जाएंगे, उनसे अपेक्षा है कि वे निम्न आय वर्ग से जुड़े ऑटो-टोटो चालकों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और शहर में व्यवस्थित पार्किंग व सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.

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