हरमू नदी सफाई अभियान दूसरे दिन भी जारी, जेसीबी-ट्रैक्टर से गाद हटाने का काम तेज, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के संकेत
रांची: हरमू नदी को गंदगी से मुक्त कर उसके अस्तित्व को बचाने की दिशा में रांची नगर निगम का विशेष सफाई अभियान दूसरे दिन भी सख्ती के साथ जारी रहा. नगर निगम की टीम ने जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से नदी में जमी गाद, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट हटाने का काम तेज कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार कई दिनों तक चलेगा और इसे किसी भी हाल में बीच में नहीं रोका जाएगा.
सफाई कार्य के साथ-साथ मुक्तिधाम पुल के दोनों ओर जाली लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि लोग सीधे नदी में कचरा न फेंक सकें और नदी को दोबारा गंदा होने से बचाया जा सके. इसके अलावा नदी किनारे चेतावनी और जागरूकता से जुड़े नोटिस बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिनमें कचरा फेंकने पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी.
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सफाई के बाद भी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए निगम की अलग टीम बनाई जा रही है, जो समय-समय पर निरीक्षण करेगी और दोबारा गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. आने वाले दिनों में नदी किनारे पौधारोपण और ब्यूटीफिकेशन का कार्य भी शुरू किया जाएगा, ताकि हरमू नदी के आसपास हरियाली बढ़े और क्षेत्र का सौंदर्यीकरण हो सके.
नगर आयुक्त ने बताया कि यह पूरा अभियान झारखंड हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रांची शहर के तमाम जलाशयों और नदियों में सफाई अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है. हरमू नदी के विभिन्न क्षेत्रों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है और एक-एक कर सभी इलाकों में साफ-सफाई की जाएगी. निगम का एक्शन प्लान है कि चरणबद्ध तरीके से शहर के सभी जलाशयों के आसपास व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए.
इस दौरान हरमू नदी की चिन्हित जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम की टीम ने ऐसे कई स्थानों को चिह्नित किया है, जहां अवैध निर्माण और कब्जे के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक नदी को पूरी तरह से साफ और संरक्षित करना संभव नहीं है.
वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का मानना है कि हरमू नदी की स्थिति वर्षों से खराब बनी हुई है. लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार टेंडर निकाले गए और सफाई अभियान चले, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया. स्थानीय निवासियों के अनुसार अब हरमू नदी नदी नहीं, बल्कि एक नाले का रूप ले चुकी है, क्योंकि आसपास के कई इलाकों के नालों को सीधे इसमें जोड़ दिया गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे पहले उन नालों को बंद करना जरूरी है, जो सीधे हरमू नदी में गिर रहे हैं. जब तक गंदे पानी का प्रवाह बंद नहीं होगा, तब तक सफाई अभियान का अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा. साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है. लोगों का कहना है कि कई लोग आज भी नदी में कचरा फेंक देते हैं, जबकि उसे डस्टबिन में डालना चाहिए.स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि रांची नगर निगम को केवल टेंडर निकालने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर ठोस और लगातार कार्रवाई करनी होगी. लोगों को उम्मीद है कि यदि प्रशासन सख्ती दिखाए और जनता भी सहयोग करे, तो हरमू नदी को दोबारा स्वच्छ और जीवंत बनाया जा सकता है.
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