Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर में भव्य कलश यात्रा में की वर्चुअल सहभागिता, भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... भारत के रणनीतिक 'चिकन नेक' गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजू... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह...

कैबिनेट ने पेसा नियमावली को दी मंजूरी, जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम:- राजेश ठाकुर

28

रांची: झारखंड सरकार ने पेसा (PESA) कानून की नियमावली को मंजूरी देकर राज्य के जनजातीय स्वशासन को नई दिशा दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके बाद ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से मुलाकात कर उन्हें सराहना और बधाई दी गई.

29 वर्षों के बाद पूरा हुआ सपना

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 29 वर्षों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सपना साकार हुआ है. उन्होंने कहा कि व्यापक जन-विमर्श और निरंतर अध्ययन के बाद लिया गया यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि पेसा कानून अब कागजों में नहीं, बल्कि ग्राम सभाओं में जीवंत रूप में लागू हो.

राजेश ठाकुर ने कहा कि यह फैसला अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूती देने और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर उतारने का ठोस कदम है. झारखंड के 25वें स्थापना वर्ष में यह निर्णय राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है.

पेसा बांटने का नहीं बल्कि मजबूत करने का है: राजेश ठाकुर

उन्होंने स्वर्गीय बंदी उरांव को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि पेसा कानून की नींव मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है. पूर्व IPS अधिकारी और सिसई से कई बार विधायक रहे बंदी उरांव ने अपनी दूरदर्शिता और समर्पण से इस कानून को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी.

राजेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पेसा बांटने का नहीं, बल्कि ग्राम सभा को मजबूत कर सहभागी लोकतंत्र स्थापित करने का कानून है. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के सामूहिक निर्णयों का सम्मान हर सरकार को करना होगा. इस अवसर पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि भूषण राय ने भी बधाई देते हुए कहा कि आज झारखंड के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण दिन है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और कैबिनेट के सभी सदस्यों को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.