Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

कैबिनेट ने पेसा नियमावली को दी मंजूरी, जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम:- राजेश ठाकुर

27

रांची: झारखंड सरकार ने पेसा (PESA) कानून की नियमावली को मंजूरी देकर राज्य के जनजातीय स्वशासन को नई दिशा दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके बाद ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से मुलाकात कर उन्हें सराहना और बधाई दी गई.

29 वर्षों के बाद पूरा हुआ सपना

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 29 वर्षों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सपना साकार हुआ है. उन्होंने कहा कि व्यापक जन-विमर्श और निरंतर अध्ययन के बाद लिया गया यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि पेसा कानून अब कागजों में नहीं, बल्कि ग्राम सभाओं में जीवंत रूप में लागू हो.

राजेश ठाकुर ने कहा कि यह फैसला अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूती देने और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर उतारने का ठोस कदम है. झारखंड के 25वें स्थापना वर्ष में यह निर्णय राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है.

पेसा बांटने का नहीं बल्कि मजबूत करने का है: राजेश ठाकुर

उन्होंने स्वर्गीय बंदी उरांव को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि पेसा कानून की नींव मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है. पूर्व IPS अधिकारी और सिसई से कई बार विधायक रहे बंदी उरांव ने अपनी दूरदर्शिता और समर्पण से इस कानून को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी.

राजेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पेसा बांटने का नहीं, बल्कि ग्राम सभा को मजबूत कर सहभागी लोकतंत्र स्थापित करने का कानून है. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के सामूहिक निर्णयों का सम्मान हर सरकार को करना होगा. इस अवसर पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि भूषण राय ने भी बधाई देते हुए कहा कि आज झारखंड के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण दिन है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और कैबिनेट के सभी सदस्यों को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.