Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

न खिड़की का कांच टूटा न छत में आई दरार, आकाशीय बिजली गिरने से खंडित हुआ शिवलिंग, रहस्य से लोग हुए परेशान

41

बुदनी  : मध्य प्रदेश के बुदनी जिले में बुधवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग क्षतिग्रस्त हो गया।  मामला क्षेत्र के भेरुंदा जनपद क्षेत्र के प्रसिद्ध नर्मदा घाट नीलकंठ में मां नर्मदा व कौशल्या त्रिवेणी संगम पर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर का है।

मंदिर के पास में ही अनुष्ठान कर रहे ब्राह्मणों ने बताया कि हमें सिर्फ तेज प्रकाश दिखाई दिया और आकाशीय बिजली गिर गई। जब शिवलिंग देखा तो चटक हुआ नजर आया। सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा ओर जांच की गई। वही अनुष्ठान कर रहे लोगों ने बताया कि तेज बारिश हो रही, इस दौरान एक चमकती रोशनी दिखाई दी। देखा तो शिवलिंग खंडित हो गया।

वही कई लोगों का मानना है कि आकाशीय बिजली ने मंदिर में प्रवेश कहां से किया, यह एक रहस्य बना हुआ है। क्योंकि आकाशीय बिजली कहां से आई, इसका कोई प्रमाण नहीं है, ना तो मंदिर के छत में किसी स्थान पर कोई छेद है, जहां से बिजली अंदर आई हो ओर ना ही खिड़की पर लगे कांच को कोई नुकसान हुआ है। लेकिन शिवलिंग पर पड़ी दरार एक रहस्य बनी हुई है।

वही कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर की शिखर पर लगे त्रिशूल ने तड़ित चालक का काम किया हो जिससे आकाशीय बिजली मंदिर में प्रवेश कर गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.