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14 साल से मकान पर कब्जा जमाए बैठे थे वकील साहब, होईकोर्ट ने कहा- 60 दिन में खाली करो

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कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोस्त के आवासीय भवन में 14 साल से काबिज एक वकील को 60 दिन में इमारत खाली करने का आदेश दिया है। वकील एल डोरेस्वामी ने वर्ष 2009 में अपने दोस्त कृष्णप्रसाद ए से उसके आवासीय भवन का भूतल तीन साल के लिए किराये पर लिया था, लेकिन उसने लगातार 14 साल तक कब्जा बरकरार रखा। अब अदालत ने उसे 60 दिन में भवन को खाली करने के लिए कहा है। जस्टिस एच पी संदेश ने कहा कि समझौता तीन साल का था, लेकिन वर्ष 2009 में परिसर को अपने कब्जे में लेने के बाद प्रतिवादी ने करीब 14 साल तक इसे अपने पास रखा।

अदालत ने अधिवक्ता डोरेस्वामी को निर्देश दिया कि वह आदेश की तारीख से 60 दिन के अंदर इमारत को खाली करें। अदालत ने प्रधिकारियों से कहा कि यदि (वह) ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो कानून के अनुरूप कब्जा किया जाए। निचली अदालत ने डोरेस्वामी को परिसर से बेदखल करने की मांग वाली कृष्णप्रसाद की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद कृष्णप्रसाद ए ने हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने 2009 में मल्लेश्वरम स्थित इमारत का भूतल 10 लाख रुपये के प्रतिभूति जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) प्राप्त करने पर अपने वकील दोस्त को किराये पर दे दिया था। उन्होंने 3,400 रुपये किराया भी तय किया।

संपत्ति पर कब्जे के तीन साल बाद वकील ने किराया देने में सक्षम नहीं होने पर अपने दोस्त से इसे जमा राशि में से काटने के लिए कहा। इस पर कृष्णप्रसाद (68) ने वर्ष 2016 में निचली अदालत का रुख किया और डोरेस्वामी को बेदखल करने का अनुरोध किया। लेकिन डोरेस्वामी ने किराया नियंत्रक का रुख किया जिसने मासिक किराया 21,000 रुपये तय किया। किराया नियंत्रक के आदेश के खिलाफ कृष्णप्रसाद की चुनौती को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था।

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