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Agra News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर कांग्रेस का हंगामा, दीवार पर पोती कालिख; दो गिरफ्तार

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आगरा (उत्तर प्रदेश): मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। आगरा के हरिपर्वत थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तरफ भागने का प्रयास कर रहे दो मुख्य आरोपियों—अनिल यादव और मुकेश धनगर को पुलिस टीम ने नाकेबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। आगरा पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के निजी आवास या आवासीय क्षेत्र में अराजकता फैलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

📢 विजय नगर आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: मेन गेट पर पोती कालिख, लगाए नारे

घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन का विवरण:

  • आवास का घेराव: सोमवार सुबह कांग्रेस और उसके सहयोगी युवा संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास पर एकत्र हुए।

  • नारेबाजी और पर्चे चस्पा: प्रदर्शनकारियों ने घर के बाहर खड़े होकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही घर के बाहरी गेट और चारदीवारी पर पर्चे और स्टिकर चिपका दिए।

  • स्प्रे पेंट से अभद्र भाषा: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घर के मुख्य द्वार और बाहरी दीवार पर काले स्प्रे पेंट से कालिख पोती और हिंदी में आपत्तिजनक नारे लिख दिए।

  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: प्रदर्शनकारियों ने घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा किए, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त की।

📱 यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर स्वीकारी जिम्मेदारी: लगाए गंभीर आरोप

संगठन का आधिकारिक रुख और प्रतिक्रिया:

  • एक्स पर पोस्ट जारी: घटना के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए इस कृत्य की जिम्मेदारी ली।

  • पक्षपात का आरोप: पोस्ट में लिखा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के घर पर यह विरोध चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने के विरोध में दर्ज कराया गया है।

  • राजनीतिक तीखे बोल: विपक्षी संगठन ने इसे जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ करार देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

⚡ कांग्रेस और चुनाव आयोग में टकराव चरम पर: SIR और वोटर लिस्ट को लेकर तनातनी

विरोध प्रदर्शन की राजनीतिक पृष्ठभूमि:

  • वोटर लिस्ट रिवीजन पर विवाद: कांग्रेस और चुनाव आयोग के मध्य बीते कुछ समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) समेत कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर तीखा टकराव बना हुआ है।

  • देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी: कांग्रेस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के कई हिस्सों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ लामबंद है और आयोग पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगा रही है।

  • राहुल गांधी के निशाने पर आयोग: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर कड़े बयान दिए थे और आयोग के कुछ कदमों को असंवैधानिक ठहराया था।

  • आंतरिक मतभेद की खबरें: मीडिया रिपोर्ट्स में चुनाव आयुक्तों के बीच 10 महीनों में निर्णयों को लेकर आपत्तियों और प्रक्रियाओं पर असहमतियों के दावे किए गए थे, हालांकि चुनाव आयोग ने आधिकारिक बयान जारी कर आयोग के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है।

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