Kuno National Park Cheetah Death: कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक KNG22 की गोली मारकर हत्या मामले में बड़ा एक्शन, 6 वनकर्मी निलंबित
श्योपुर: मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद और गंभीर खबर सामने आई है। पार्क परिसर के भीतर 19 महीने के मासूम चीता शावक KNG22 की गोली मारकर की गई हत्या के बहुचर्चित मामले में वन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बेहद कड़ा कदम उठाया है। भोपाल स्थित मुख्य वन मुख्यालय से प्राप्त कड़े निर्देशों के बाद, श्योपुर और मुरैना जिले की सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में अपनी ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने के आरोप में दो रेंजरों और दो डिप्टी रेंजरों समेत कुल छह वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
आठ संदिग्धों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज, एसटीएफ और केंद्र सरकार की विशेष जांच टीम ने जंगलों और टपरों में डाला डेरा
इस खौफनाक वारदात के प्रकाश में आने के बाद मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और केंद्र सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम ने जंगलों, बीहड़ों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अपना डेरा डाल दिया है। कूनो के प्रतिष्ठित चीता प्रोजेक्ट और वन्यजीवों की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक सामने आने के बाद राजधानी भोपाल से लगातार सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है। वन विभाग द्वारा जिन छह लापरवाह वनकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनमें पहाड़गढ़ (मुरैना) के रेंजर आकाश तोमर, मुरैना की डिप्टी रेंजर कीर्ति शर्मा, मुरैना के नाकेदार दिनेश शर्मा, विजयपुर (श्योपुर) के रेंजर झारसिंह गौड़, बुढेरा (श्योपुर) के डिप्टी रेंजर गब्बर सिंह बाजौरिया तथा नितनवास (श्योपुर) के नाकेदार कुलदीप सिंह गुर्जर के नाम शामिल हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत 8 लोगों पर केस दर्ज, हथियार और मुख्य शिकारी की तलाश में चलाया जा रहा है व्यापक सर्च ऑपरेशन
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल आठ संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम तथा अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। एसटीएफ की टीमों ने कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जिस घातक हथियार या बंदूक से चीता शावक को गोली मारी गई है तथा जिस व्यक्ति ने ट्रिगर दबाया था, उसकी सटीक पहचान और सुराग पाने के लिए आसपास के गांवों और जंगलों में बने अस्थाई टपरों के निवासियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है।
केंद्र सरकार और एनटीसीए की उच्चस्तरीय जांच टीम कर रही है साक्ष्य एकत्र, फॉरेंसिक जांच से खुलेगा शावक की हत्या का राज
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ से जुड़े इस अंतरराष्ट्रीय महत्व के संवेदनशील मामले को देखते हुए केंद्र सरकार तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने भी एक उच्चस्तरीय जांच दल का गठन कर उसे मौके पर रवाना कर दिया है। एसटीएफ और केंद्र से आई यह विशेषज्ञ टीम श्योपुर तथा मुरैना के जटिल जंगलों में वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है, ताकि इस वन्यजीव शिकार रैकेट और इसमें शामिल हर एक मुजरिम को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।
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