Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से पहले सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो की ये 4 जरूरी बातें जान लें
नई दिल्ली: स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर आज के समय में भारत में लोग काफी हद तक जागरूक हो चुके हैं। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए बाजार में भी विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स धड़ल्ले से उतारे जा रहे हैं। चाय से लेकर चिप्स, कुकीज और ब्रेड तक में भरपूर प्रोटीन होने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ये रेडीमेड चीजें वाकई उतनी ही गुणकारी होती हैं जो पनीर, टोफू, अंडे, सोयाबीन और दालों जैसे नेचुरल फूड्स का विकल्प बन सकें? विशेषज्ञ हमेशा यही सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों के लिए हमेशा प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर ही निर्भर रहना चाहिए। यदि आप जरूरत पड़ने पर मार्केट में मिलने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदते भी हैं, तो उन्हें घर लाने से पहले पैकेट पर कुछ खास बातों को जरूर जांच लेना चाहिए।
बाजार में मौजूद हैं प्रोटीन युक्त अनगिनत विकल्प, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो ने दी पैकेट चेक करने की अहम सलाह
आज के दौर में केवल प्रोटीन पाउडर ही नहीं, बल्कि ब्रेड, चिप्स, कुकीज, चाय और कैंडी जैसी चीजों में भी प्रोटीन होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में किसी भी सुपरमार्केट या दुकान से ऐसी चीजें खरीदते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। इस महत्वपूर्ण विषय पर देश के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ कोच रयान फर्नांडो ने लोगों को जागरूक करते हुए जरूरी टिप्स साझा किए हैं।
क्या मार्केट के प्रोटीन प्रोडक्ट्स नेचुरल फूड्स का मुकाबला कर सकते हैं? न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो की राय
जाने-माने न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो अपने एक वीडियो में बताते हैं कि आज बाजार में प्रोटीन चाय, प्रोटीन ब्रेड, कुकीज, चिप्स और यहां तक कि प्रोटीनयुक्त पानी भी उपलब्ध है। एक न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इन्हें सचमुच ऐसा प्रोटीन माना जा सकता है जो अंडे, चिकन, पनीर या टोफू की जगह ले सके? उनका कहना है कि ये प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स कभी-कभार सुविधानुसार आपके काम आ सकते हैं, लेकिन इन्हें खरीदने से पहले लेबल पर दी गई जानकारी को अच्छी तरह जांचना बहुत जरूरी है।
पहली जरूरी बात— हमेशा चेक करें कि आपके द्वारा खरीदे जा रहे प्रोडक्ट में प्रोटीन का मुख्य सोर्स क्या है
बाजार में प्रोटीन का दावा करने वाले किसी भी फूड पैकेट के पीछे दी गई इंग्रीडिएंट्स लिस्ट में सबसे पहले यह देखना चाहिए कि प्रोटीन का मूल स्रोत क्या है। यानी वह प्रोटीन प्लांट-बेस्ड (पौधों से मिलने वाला) है, दूध से प्राप्त हुआ है या फिर अंडे से आया है। यदि पैकेट पर यह स्पष्ट नहीं है और उसमें पाम ऑयल, मैदा या स्टार्च जैसी चीजें लिखी हैं, तो उस प्रोडक्ट को तुरंत छोड़ देना चाहिए क्योंकि वह असल मायनों में प्रोटीन नहीं है।
दूसरी जरूरी बात— पैकेट पर छिपी शुगर और हानिकारक तत्वों की मात्रा की करें बारीकी से जांच
इन प्रोटीन-रिच प्रोडक्ट्स को खरीदते वक्त दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज यह देखनी होती है कि कहीं उसमें चीनी (शुगर) की मात्रा जरूरत से ज्यादा तो नहीं है। लेबल पर किसी भी रूप में चीनी का जिक्र नहीं होना चाहिए, जैसे लिक्विड ग्लूकोज, कॉर्न सिरप या फ्रुक्टोज सिरप। यदि ये चीजें लिखी हैं, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा माल्टोडेक्सट्रिन जैसी चीजें टेबल शुगर से भी ज्यादा तेजी से ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाती हैं। यदि पैकेट पर यह मेंशन है कि इसमें खजूर जैसी प्राकृतिक चीनी का इस्तेमाल हुआ है, तो उसे विकल्प के रूप में चुना जा सकता है।
तीसरी जरूरी बात— कैलोरी और प्रोटीन के सही अनुपात यानी रेशियो का हमेशा रखें पूरा ध्यान
इस तरह के पैकेज्ड प्रोडक्ट्स को खरीदते वक्त कैलोरी और प्रोटीन का अनुपात (रेश्यो) कितना है, इसकी जांच करना भी बहुत जरूरी है। इसका एक सीधा और सरल नियम यह है कि लगभग 10 ग्राम प्रोटीन 150 से 180 कैलोरी के भीतर मिलना चाहिए। यदि कोई प्रोटीन बार 10 ग्राम प्रोटीन के साथ 300 कैलोरी दे रहा है, तो वह असल में कोई प्रोटीन बार नहीं बल्कि शुगर और फैट का एक बम है।
चौथी और सबसे अहम बात— बाजार के प्रोडक्ट्स पर पूरी तरह निर्भर न रहें, 80 प्रतिशत जरूरतें नेचुरल डाइट से पूरी करें
प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यह जानने के साथ-साथ न्यूट्रिशनिस्ट यह भी सलाह देते हैं कि विज्ञापनों के प्रभाव में बिल्कुल न आएं। अपनी दैनिक डाइट के लिए पूरी तरह से बाजार के प्रोटीन पर निर्भर रहना सही नहीं है। पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि हमारे शरीर की कुल पोषक तत्वों की जरूरत का 80 प्रतिशत हिस्सा हमेशा साबुत और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों (Whole Foods) से ही पूरा होना चाहिए, जो कि सबसे स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।
शरीर की जरूरत के अनुसार ही करें प्रोटीन का सेवन, न्यूट्रिशनिस्ट गीतिका चोपड़ा ने बताए संतुलित इनटेक के नियम
प्रोटीन की सही मात्रा के बारे में जानकारी होना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि जिस तरह शरीर में इसकी कमी नुकसान पहुंचाती है, उसी तरह इसका अत्यधिक सेवन भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट गीतिका चोपड़ा के अनुसार, शरीर को कितनी प्रोटीन की आवश्यकता है यह व्यक्ति की उम्र, लिंग, मेडिकल कंडीशन और शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ वयस्क को अपने शारीरिक वजन के हिसाब से प्रति किलोग्राम 0.8 ग्राम प्रोटीन की रोजाना जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है, तो आपको लगभग 40 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी, हालांकि यह आपकी जीवनशैली और फिटनेस गोल्स पर भी निर्भर करता है।
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