जालंधर में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक: नकोदर में कैंटर से 405 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद, तस्कर गिरफ्तार
पंजाब में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए जालंधर ग्रामीण पुलिस के सी.आई.ए. (CIA) स्टाफ ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है।
पुलिस ने नकोदर की दाना मंडी के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद करते हुए एक आरोपी को धर दबोचा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्य प्रदेश से एक कैंटर में लादकर यह भारी खेप जालंधर लेकर पहुंचा था, जिसकी सप्लाई नकोदर, शाहकोट और आसपास के कपूरथला क्षेत्रों में की जानी थी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
🚛 गुप्त सूचना पर दाना मंडी में घेराबंदी: सफेद कैंटर से बरामद हुए 27 प्लास्टिक के थैले
ऑपरेशन और जब्ती से जुड़ी मुख्य जानकारियां:
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गुप्त सूचना का आधार: जालंधर ग्रामीण के एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस को जानकारी दी कि सी.आई.ए. स्टाफ के प्रभारी इंस्पैक्टर पुष्प बाली को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों से बड़े पैमाने पर डोडा पोस्त लाकर जालंधर ग्रामीण के क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है।
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पुलिस की दबिश: सूचना के आधार पर एस.आई. कश्मीर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने नकोदर और शाहकोट इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
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संदिग्ध कैंटर की पकड़: जब पुलिस टीम नकोदर की दाना मंडी के पास पहुंची, तो वहां एक सफेद रंग का संदिग्ध कैंटर खड़ा मिला। कैंटर का चालक वाहन के पास ही मौजूद था और पुलिस पार्टी को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, जिसे मुस्तैदी से दबोच लिया गया।
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405 किलो डोडा पोस्त जब्त: पकड़े गए कैंटर (नंबर एच.आर.-69-सी-1590) की तलाशी ली गई तो उसमें से 27 प्लास्टिक के कट्टे (थैले) बरामद हुए। प्रत्येक थैले में 15-15 किलोग्राम डोडा पोस्त भरा हुआ था, जिसका कुल वजन 405 किलोग्राम निकला। पुलिस ने नशीले पदार्थ समेत कैंटर को कब्जे में ले लिया है।
👤 श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है आरोपी: पहले भी कर चुका है तस्करी
आरोपी की पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास का ब्योरा:
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आरोपी की शिनाख्त: गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान वरिंदर सिंह उर्फ काली पुत्र दलीप सिंह, निवासी बाबा जीवन सिंह नगर, टिब्बी साहिब रोड, थाना सिटी मुक्तसर (जिला श्री मुक्तसर साहिब) के रूप में हुई है।
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ट्रक ड्राइवर से बना तस्कर: पूछताछ में खुलासा हुआ कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वरिंदर ने ट्रक ड्राइविंग शुरू की थी, जहां उसकी पहचान गीता नामक व्यक्ति से हुई। गीता ने ही उसकी जान-पहचान मध्य प्रदेश के गरोठ क्षेत्र के डोडा पोस्त तस्करों से करवाई थी।
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पुराना रिकॉर्ड: आरोपी पहले भी एक बार 400 किलोग्राम चूरा पोस्त की खेप ला चुका है, जिसके एवज में उसे 25,000 रुपये मिले थे। इस बार भी वह गरोठ क्षेत्र से ही माल लेकर आया था और इसे गीता नामक शख्स को सौंपना था।
⚖️ पहले से दर्ज हैं 6 आपराधिक मामले: बीएनएस की धारा 111 के तहत होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस की आगामी रणनीति और कानूनी कदम:
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आपराधिक फेहरिस्त: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वरिंदर सिंह उर्फ काली के खिलाफ पहले से ही विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: आरोपी के आदतन अपराधी होने और बार-बार गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के मद्देनजर पुलिस अब उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने जा रही है।
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सहयोगियों की तलाश: पुलिस यह भी गहराई से खंगाल रही है कि मध्य प्रदेश में इस नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है और इस खेप को आगे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। गीता और अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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