मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भारद्वाज हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। रविवार (4 अक्टूबर) को आम आदमी पार्टी (AAP) ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गेट तक एक उग्र विरोध मार्च निकाला, जिसमें कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए AAP के प्रमुख नेता सौरभ भारद्वाज और पार्टी के कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “वे मुझे ऐसे उठा-पटक रहे हैं जैसे मैं कोई फुटबॉल होऊं… यहां इतनी बड़ी पुलिस फोर्स तैनात है, फिर भी वे अपने ही एसीपी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रहे हैं और न ही एसीपी को गिरफ्तार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब पुलिस राजनेताओं और मीडियाकर्मियों के साथ इस तरह का अनुचित व्यवहार कर सकती है, तो आम नागरिकों के साथ उसका रवैया कैसा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने जनता से इस लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
👩🎓 AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी किया गया हिरासत में: पुलिस कार्रवाई को बताया गैर-कानूनी
छात्र संगठन आइसा (AISA) के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु:
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शंग्रीला होटल के पास प्रदर्शन: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर AISA के सैकड़ों छात्र-छात्राएं शंग्रीला होटल के पास एकजुट हुए और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
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नेहा बोरा की गिरफ्तारी: इस दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और उनके कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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पुलिस कमिश्नर को पत्र: AISA ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को आधिकारिक पत्र लिखकर नेहा बोरा की तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक मार्च के दौरान नेहा बोरा को किसी भी महिला पुलिसकर्मी की उपस्थिति के बिना एक निजी वाहन में जबरन हिरासत में लिया गया, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
✊ वृंदा करात ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा: जब तक इस्तीफा नहीं, जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान अन्य वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाएं:
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माकपा नेत्री का बयान: इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात ने दो टूक कहा कि यह आंदोलन और विरोध तब तक थमेगा नहीं, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
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महिलाओं पर अत्याचार का विरोध: वृंदा करात ने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ हो रही कथित बदसलूकी और छेड़खानी की घटनाओं पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जिस प्रकार महिलाओं के साथ अत्याचार और घटनाएं बढ़ रही हैं, उसे देखकर दिल्ली पुलिस और सरकार को शर्म आनी चाहिए।
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