Bageshwar Dham Controversy: ‘पर्चे में लिखा था बेटा होगा, हो गई बेटी’; बागेश्वर धाम सरकार के दावे पर भक्त ने उठाए सवाल
भोपाल। पिछले दो वर्षों से बागेश्वर धाम के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले उत्तर प्रदेश के एक भक्त की आस्था अब पूरी तरह डगमगा गई है। तीन बेटियों के पिता रहे इस भक्त ने मन में बेटे की इच्छा लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में अर्जी लगाई थी। पीड़ित का आरोप है कि बाबा बागेश्वर ने पर्चे पर लिखकर बताया था कि उसके परिवार में ‘पुत्रयोग’ बन रहा है। इस दावे पर विश्वास कर उसने चौथे बच्चे की प्लानिंग की, लेकिन जब फिर से बेटी ने जन्म लिया, तो भक्त का भरोसा उठ गया। दूसरी ओर, बागेश्वर धाम प्रबंधन का कहना है कि वे इस मामले में संबंधित व्यक्ति को दरबार में बुलाकर बातचीत करेंगे।
📜 पर्चे में प्रेतबाधा और पुत्रयोग का किया था दावा: मऊरानीपुर के पीड़ित ने सुनाई आपबीती
उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर के रहने वाले पीड़ित शख्स ने बताया कि वह मार्च 2024 से नियमित रूप से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जाने लगा था।
उसने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में अर्जी लगाई थी, जिसके बाद बाबा ने पर्चे पर लिखा कि उसके घर में प्रेत मसान और अघोरी का साया है तथा पत्नी को प्रेतबाधा की समस्या है। इसी पर्चे में आगे लिखा गया था कि उसके परिवार में जल्द ही ‘पुत्रयोग’ बनने वाला है। पीड़ित के अनुसार, उसकी पहले से 3 बेटियां थीं, जिनमें सबसे छोटी बेटी की उम्र उस वक्त 10 साल थी।
👶 पर्चा देखकर पत्नी के दबाव में की चौथे बच्चे की प्लानिंग: 11 जून को हुआ बेटी का जन्म
पीड़ित शख्स का आरोप है कि पर्चे में ‘पुत्रयोग’ की बात पढ़कर उसकी पत्नी ने चौथे बच्चे का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2025 में बच्चे की प्लानिंग की।
11 जून 2026 को उसकी पत्नी ने चौथी बेटी को जन्म दिया। इसके बाद वह 19 सितंबर को अपनी पत्नी के साथ दोबारा बागेश्वर धाम पहुँचा। जब उसने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को उनका पुराना पर्चा दिखाकर अपनी व्यथा बताई और कहा कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो आरोप है कि बाबा बागेश्वर ने उसे दरबार से बाहर भगा दिया।
🛑 अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से किया संपर्क: ‘बेटा-बेटी में फर्क न करने की मिली सलाह’
धाम से निराश होकर लौटने के बाद पीड़ित शख्स ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क साधा।
समिति के पदाधिकारियों ने पीड़ित को बेटा-बेटी के बीच किसी भी प्रकार का अंतर न करने की समझाइश दी और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न पड़ने की सलाह दी। पीड़ित ने कहा, “मैं धीरेंद्र शास्त्री का बहुत बड़ा भक्त था, लेकिन अब समझ आ रहा है कि वहां सिर्फ अंधविश्वास फैलाया जाता है।” वहीं समिति के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुरेश झुरमुरे ने कहा कि अगर यह मामला महाराष्ट्र का होता तो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता।
🏛️ गलतफहमी दूर करने की कोशिश करेगा धाम प्रबंधन: परिवार को दरबार में बुलाने का दिया आश्वासन
जब इस पूरे विवाद पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और धाम प्रबंधन का पक्ष जानना चाहा गया, तो उनके कार्यालय से प्रतिक्रिया सामने आई।
प्रबंधन का कहना है कि जब बाबा बागेश्वर आगामी दरबार में होंगे, तो उस पीड़ित परिवार को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा और उनसे आमने-सामने बैठकर बात की जाएगी। धाम प्रबंधन ने दावा किया है कि इस मामले में जो भी गलतफहमियां हुई हैं, उन्हें बातचीत के जरिए दूर कर लिया जाएगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.