Chhattisgarh Wildlife Alert: धमतरी में बीच सड़क पर बैठा दिखा तेंदुआ, वन विभाग ने गंगरेल और रुद्री क्षेत्र के गांवों को चेताया
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले अंतर्गत आने वाले लीलर गांव के पास एक खूंखार तेंदुआ बीच सड़क पर बैठा नजर आया।सड़क पर तेंदुए को इस तरह आराम फरमाते देख वहां से गुजर रहे मुसाफिरों के होश उड़ गए। उसी दौरान मौके से गुजर रहे एक कार सवार राहगीर ने अपनी गाड़ी रोककर सड़क पर बैठे तेंदुए का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो के सोशल मीडिया पर ट्रेंड होते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आ गया। वन विभाग की टीम ने एहतियात के तौर पर आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को रात के वक्त अकेले बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी गई है। वन अधिकारियों के अनुसार रुद्री, गंगरेल, अछोटा, भोयना सहित आसपास के कई इलाकों में अक्सर तेंदुओं की आवाजाही बनी रहती है।
📸 कैमरे में कैद हुआ जंगल का शिकारी: घबराए कार सवार ने बंद किए खिड़की-दरवाजे
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पास के जंगलों में काफी संख्या में तेंदुए मौजूद हैं।
भोजन और पानी की तलाश में ये अक्सर इंसानी बस्तियों और मुख्य सड़कों का रुख कर लेते हैं। तेंदुए को सबसे पहले देखने वाले कार चालक ने बताया कि अचानक तेंदुए को सामने देखकर वे बुरी तरह डर गए थे, लेकिन कार के शीशे बंद होने के कारण उन्होंने थोड़ा सुरक्षित महसूस किया। राहगीर के मुताबिक, तेंदुआ कुछ देर तक बेखौफ होकर सड़क पर बैठा रहा और फिर चहलकदमी करते हुए घने जंगल की ओर ओझल हो गया।
📢 वन विभाग ने जारी की चेतावनी: बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजने की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राहगीरों द्वारा बनाए गए वीडियो की पुष्टि हो गई है।
तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए आसपास की पंचायतों में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि वे रात के समय खेतों या सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें और बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है।
🗓️ छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में सामने आईं तेंदुए से जुड़ी प्रमुख घटनाएं
🌾 10 सितंबर 2026: कबीरधाम में धान के खेत में घुसा तेंदुआ, रेस्क्यू कर किया गया ट्रैंक्यूलाइज
कबीरधाम जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम जैतपुरी में धान के खेत के बीच एक तेंदुआ आ धमका।
तेंदुए ने रातभर गांव के आसपास घूमकर बकरियों का शिकार किया था, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई थी। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया।
🚆 27 अगस्त 2026: बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग की सुरंग और ट्रैक पर दिखा तेंदुआ
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत भनवारटंक के पास रेलवे टर्मिनल क्षेत्र में एक तेंदुआ दिखाई दिया था।
रेलवे ट्रैक और सुरंग (टनल) के भीतर तेंदुए के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद रेल परिचालन में भी सतर्कता बरती गई थी।
🌳 1 अगस्त 2026: गरियाबंद के जोबा में पकड़ाया खूंखार तेंदुआ, टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया
गरियाबंद जिले के केराबहार इलाके में आतंक मचा रहे एक खूंखार तेंदुए को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित काबू में किया था।
चिकित्सकीय जांच और मेडिकल फिटनेस के बाद तेंदुए को उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया।
🕳️ 6 अगस्त 2026: कांकेर के सरोना में शिकार का पीछा करते-करते कुएं में गिरा तेंदुआ
कांकेर जिले के सरोना वन परिक्षेत्र में एक भूखा तेंदुआ शिकार की तलाश में रिहायशी इलाके में पहुंच गया था।
शिकार का पीछा करते समय बिना मुंडेर के खुले कुएं में जा गिरा। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं से तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया था।
🚑 5 अगस्त 2026: बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व मार्ग पर 20 मिनट तक बैठा रहा तेंदुआ
बीजापुर जिले के कुटरू–मंगापेटा मार्ग पर एक तेंदुआ अचानक जंगल से निकलकर सड़क पर आ गया।
तेंदुआ करीब 20 मिनट तक सड़क किनारे घूमता रहा। वहां से गुजर रही 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया था।
🚰 12 जुलाई 2026: धमतरी के नगरी वन परिक्षेत्र में कुएं में गिरे तेंदुए का रेस्क्यू
धमतरी जिले के नगरी वन परिक्षेत्र में भी एक तेंदुआ भटककर कुएं में गिर गया था।
धमतरी वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल और पिंजरे की मदद से तेंदुए को सकुशल बाहर निकाला था।
🛣️ 15 जून 2026: गंगरेल से कुकरेल मार्ग पर मुख्य सड़क पर आराम फरमाता दिखा था तेंदुआ
धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध से कुकरेल जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक तेंदुआ सड़क के बीचों-बीच आराम फरमाता नजर आया था।
सड़क पर तेंदुए की मौजूदगी की खबर जंगल की आग की तरह फैली थी, जिसके बाद उस मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा था।
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