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इंसानियत शर्मसार! ‘फसल जल जाएगी…’ कहकर अंतिम संस्कार से रोका, मुक्ति धाम से वापस लौटाई बुजुर्ग की चिता

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मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला शिवपुरी के कोलारस जनपद से सामने आया है. यहां ग्राम पचावला में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि मुक्तिधाम की जमीन पर दबंगों ने गेहूं की फसल उगा रखी थी. अतिक्रमणकारियों का तर्क था कि मुखाग्नि देने से उनकी फसल जल जाएगी.

ग्राम कोरवास के निवासी श्यामलाल जाटव अपनी बेटी के घर ग्राम सजाई में रह रहे थे. शुक्रवार को उनके निधन के बाद परिजन शव लेकर पास के गांव पचावला स्थित मुक्तिधाम पहुंचे.

जब वे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी जमीन पर अवैध रूप से खेती करने वाले ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया. विवाद इतना बढ़ा कि शव को मुक्तिधाम से वापस लौटा दिया गया.

फिर नदी किनारे दी गई मुखाग्नि

अपनों के अपमान और व्यवस्था की बेरुखी से नाराज परिजन शव को लेकर मुख्य सड़क पर आ गए. वे इतने व्यथित थे कि शव को सड़क पर ही छोड़कर जाने लगे. बाद में अन्य ग्रामीणों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद, बुजुर्ग की देह का अंतिम संस्कार नदी के किनारे किया गया.

प्रशासन का ढुलमुल रवैया

हैरानी की बात यह है कि पंचायत प्रशासन को इस अतिक्रमण की जानकारी पहले से थी. पचावला पंचायत सचिव ब्रजमोहन जाटव ने स्वीकार किया कि मुक्तिधाम की जमीन पर कब्जा है. लेकिन उनका तर्क था कि फसल पकने वाली है, इसलिए कटाई के बाद ही अतिक्रमण हटाया जाएगा. वहीं, सजाई पंचायत के सचिव ने गांव में मुक्तिधाम होने का दावा किया है, जिससे मामला और उलझ गया है.

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