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मध्य प्रदेश में ला नीना के कहर से गिरेगा तापमान, ठंड से होगी हालत खराब, शीतलहर का अलर्ट

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भोपाल: मध्य प्रदेश में नवंबर के महीने में इस बार ठंड ने बीते कई सालों के रिकार्ड तोड़ दिए. भोपाल, इंदौर और राजगढ़ जैसे शहरों में करीब 10 से 15 दिन तक लगातार शीतलहर चली. हालांकि 22 नवंबर के बाद प्रदेश के तापमान में बढ़ोत्तरी शुरू हो गई थी. अभी भी प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसत के आसपास है, लेकिन दो दिन बाद फिर से न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरु होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटों में एक बार फिर न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेलिसयस की गिरावट हो सकती है.

खंडवा में सबसे गर्म दिन, नौगांव में रात ठंडी

बीते 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में खंडवा और खरगौन के अलावा अन्य सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. गुरुवार दिन में सबसे अधिक तापमान में खंडवा में 31.5 डिग्री सेल्सियस और खरगौन में 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात सबसे न्यूनतम तापमान नौगांव में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दतिया, जबलपुर, खजुराहो और रीवा समेत 12 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया.

दिसंबर में शीत लहर की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान में पहाड़ी राज्यों में निरंतर बर्फबारी हो रही है, लेकिन हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं हुआ है. आने वाले दो से तीन दिनों में हवाओं की दिशा बदलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “दिसंबर महीने में प्रशांत महासागर में ला नीना के सक्रिय होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह निश्चित नहीं की, इसका ठंड पर कितना असर होगा, लेकिन यदि पूरी तरह सक्रिय हुआ तो उत्तर भारत में दिसंबर से जनवरी के बीच सामान्य से अधिक ठंड पड़ने की संभावना है.

प्रदेश में ला नीना के प्रभाव से कड़ाके की ठंड के साथ बारिश होने के आसार भी हैं. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी के कारण जनवरी और फरवरी महीने में भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी.”

एमपी में दो दिन ठंड से राहत

अधिकतम तापमान में बीते 24 घंटों में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है. दक्षिण मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान औसत से थोड़ा अधिक है. मध्य और उत्तरी हिस्से में भी अधिकतम तापमान औसत के करीब बना हुआ है. वहीं न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. पूर्व मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान औसत से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है. मध्य क्षेत्र में भी न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेलिसयस नीचे है. वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में बड़वानी और रतलाम समेत अन्य क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान औसत से उपर चल रहा है. जिसकी वजह से रात में ठंड कम पड़ रही है.

कोई विशेष वेदर सिस्टम एक्टिव नहीं

दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के तट के उपर बना डीप डिप्रेशन आगे जाकर साइक्लोन सकुर्लेशन में बदल गया है. वहीं एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस साइक्लोन सर्कुलेशन के रुप में उत्तर पाकिस्तान और इससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर 3.1 से लेकर 5.8 किलोमीटर की उंचाई पर सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और इसे सटे हुए क्षेत्रों के ऊपर एक साइक्लोन सर्कुलेशन समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की उंचाई पर सक्रिय है. ऐसे में मध्य प्रदेश में अभी मौसम की कोई चेतावनी नहीं है.

अगले दो दिनों में 2 से 3 डिग्री गिरेगा पारा

दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि श्रीलंका तट पर बने डीप डिप्रेशन की वजह से इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बादल छाए हुए हैं. प्रदेश के उत्तरी हिस्से में भी हलके बादल छाए हुए हैं. हालांकि अगले 5 दिनों तक मध्य प्रदेश में वेदर को ऐसा कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है, जिससे बारिश या कोल्ड वेव की संभावना हो. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि अभी प्रदेश में दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जल्द ही इनमें बदलाव होगा. अगले दो दिनों में प्रदेश के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है.”

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