उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड ने एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया है। गुरुग्राम का तापमान शिमला से भी नीचे चला गया है। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि गुरुग्राम में पारा 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। यह शहर हरियाणा का सबसे ठंडा शहर बन गया है। यह स्थिति पिछले 60 सालों में सबसे भीषण मानी जा रही है। घने कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को बाधित कर दिया है।
गुरुग्राम में तापमान में अचानक आई गिरावट ने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। पिछले 48 घंटों के दौरान मौसम में तेज बदलाव देखा गया। शनिवार को न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री था जो रविवार को 4.1 डिग्री पर पहुंच गया। लेकिन सोमवार की रात में यह गिरकर 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस मौसम का अब तक का सबसे निचला स्तर है। मौसम विभाग ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों तक घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी दी गई है। सुबह के समय दृश्यता बहुत कम रहने की संभावना है। इससे सड़क यातायात पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहेगा।
राष्ट्रीय राजधानीक्षेत्र भी इस भीषण ठंड से अछूता नहीं है। दिल्ली के लोधी रोड इलाके में सोमवार सुबह तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले आयानगर में पारा 2.9 डिग्री तक पहुंच गया था। पूरे क्षेत्र में कनकनी की हवाओं ने ठंड का प्रकोप और बढ़ा दिया है। लोगों ने सर्द हवाओं से बचने के लिए स्वेटर और शॉल ओढ़ रखे हैं।ठंड का प्रभाव इतना गहरा है कि गुरुग्राम के ग्रामीण और खुले इलाकों में बर्फ जम गई है। खेतों में पौधों की पत्तियों पर सफेद परत देखी जा सकती है। घरों के बाहर खड़ी कारों पर भी बर्फ जमी हुई है। सोशल मीडिया पर यह तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग अत्यधिक ठंड के कारण घरों के अंदर ही रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग नेलोगों से अगले दो दिन विशेष सावधानी बरतने को कहा है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ड्राइवरों को धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए अतिरिक्त सतर्कता की बात कही है। ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचने की सलाह दी जा रही है। इस मौसम की एक और विशेषता यह है कि मैदानी इलाके पहाड़ी क्षेत्रों से अधिक ठंडे हो गए हैं। शिमला जैसे शहर में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। जबकि गुरुग्राम का तापमान इससे लगभग साढ़े तीन डिग्री नीचे चला गया है। यह असामान्य मौसमी व्यवहार विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का विषय बना हुआ है।
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