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लिव इन पार्टनर की चाह में फना हुई नर्स, जान देने का बेहद खतरनाक तरीका अपनाया

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भोपाल: राजधानी भोपाल में एक नर्स ने प्रेम प्रसंग के चलते आपनी जान दे दी. पार्टनर से मिले धोखे के बाद नर्स ने आत्महत्या का बेहद खतरनाक तरीका अपनाया जिसे पुलिस सहित लोग हैरान रह गए. मृतका मेघा यादव अपने सपनों को पूरा करने और परिवार का सहारा बनने की चाह में पांच साल पहले नर्मदापुरम से भोपाल आई थी. लेकिन जिस शहर से उसे नई जिंदगी की उम्मीद थी, वहीं उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली.

बेहोशी की हालत में अस्पताल छोड़ गया युवक
मेघा जेके हॉस्पिटल के पास किराए के मकान में रहती थी और जेपी अस्पताल में ही नर्स के तौर पर काम करती थी. बुधवार रात को उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था. इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, मेघा पिछले चार वर्षों से एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. वही युवक उसे बेहोशी की हालत में जेके हॉस्पिटल लेकर आया था. भर्ती करवाकर वहां से चला गया था. परिजन का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर बातचीत की थी और उस समय वह सामान्य लग रही थी. बाद में उसी रात युवक ने मेघा के मोबाइल से परिजन को फोन कर उसके अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी. अब युवक का फोन बंद आ रहा है.

बड़े सपने लेकर भोपाल आई थी नर्स
मेघा यादव मूल रूप से नर्मदापुरम की रहने वाली थी. उसका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था. मजदूरी करने वाले पिता ने बड़ी मुश्किलों से बेटी की पढ़ाई कराई. मेघा पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती थी. इसी सपने को लेकर वह करीब पांच साल पहले नर्मदापुरम से भोपाल आई. यहां उसने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के बाद भोपाल के जेके अस्पताल में नौकरी करने लगी.

4 साल लिव इन में रही, शादी से मुकरा पार्टनर
नौकरी लगने के बाद मेघा ने भविष्य को लेकर कई सपने देखे थे. परिजनों का आरोप है कि, इसी दौरान उसकी जान-पहचान भोपाल में लॉज चलाने वाले रूपेश से हुई. मेघा के भाई राजा ने बताया कि, ”4 साल तक रूपेश ने शादी का भरोसा देकर मेघा को अपने साथ रखा. लंबे समय तक वह पत्नी की तरह उसके साथ रही, लेकिन बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया.”

राजा का कहना है कि, ”रूपेश ने मेघा के भरोसे और भावनाओं के साथ धोखा किया. शादी का झांसा देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे मेघा गहरे तनाव में रहने लगी. लगातार मानसिक दबाव और धोखे से टूट चुकी मेघा ने आखिरकार आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया. मेघा की मौत के बाद परिवार सदमे में है.” परिजनों का कहना है कि, जिस बेटी से उन्हें सहारे की उम्मीद थी, उसी ने जिंदगी खत्म कर ली. परिवार ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

मामले की जांच में जुटी पुलिस
कोलार टीआई संजय सोनी का कहना है कि, ”युवती के मोबाइल, कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है.”

यह मामला न सिर्फ एक युवती की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि भरोसे, रिश्तों और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है. अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और पीड़ित परिवार को कब इंसाफ मिलता है.

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