Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
: पंजाब राजभवन में 'एट होम' समारोह का आयोजन: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ CM भगवंत मान और CM ना... सुल्तानपुर लोधी में बड़ा हादसा टला: राइस मिल में 25 फीट गहरे कुएं में गिरे 3 मजदूर, प्रशासन ने सुरक्... मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दी शुभकामनाएं, शहीदों को किया नमन गुरदासपुर बॉर्डर पर सनसनी: खेतों में पेड़ पर बंधे मिले पाकिस्तानी झंडे और दर्जनों गुब्बारे, सुरक्षा ... इंदौर में CM मोहन यादव ने तोते उड़ाकर किया 14-D सफारी का लोकार्पण; ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया भी बने ... उज्जैन: महाकाल मंदिर में सैकड़ों चप्पलों के ढेर में खो गई जोड़ी, श्रद्धालु ने ChatGPT से चुटकियों मे... ग्वालियर में AI की सूझबूझ से बची हेड कांस्टेबल की जान: करैत सांप के काटने पर TI ने अपनाए सही प्रोटोक... छतरपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन दर्दनाक हादसा, आजादी की खुशियां मातम में बदलीं

कुरुक्षेत्र में 5000 करोड़ के धान घोटाला मामले में DFSC पर गिरी गाज, पद से हटाया

29

कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में कथित 5 हजार करोड़ के धान घोटाले की जांच के बीच जिला खाद एवं पूर्ति नियंत्रक (DFSC) पर गाज गिर गई है। राजेश आर्य को DFSC के पद से हटा दिया गया। अब उनकी जगह यमुनानगर के DFSC जतिन मित्तल को कुरुक्षेत्र का एडिशनल चार्ज दिया गया है।

हालांकि राजेश आर्य कुरुक्षेत्र में ही रहेंगे, जांच चलने तक उन्हें कुरुक्षेत्र में ही DFSO लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजेश आर्य फिर से चर्चा में आ गए। बता दें कि 15 अक्तूबर को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने राजेश आर्य को धान खरीद नहीं करने पर लघु सचिवालय परिसर में सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था। इसे लेकर खूब हंगामा हुआ था। भाकियू से जुड़े किसानों का कहना है कि यह घोटाला करीब पांच हजार करोड़ का है, जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस मामले को लेकर किसानों ने कल जींद में बड़ी पंचायत बुलाई है, जिसमें आंदोलन चलाने पर चर्चा की जाएगी।

6 मार्केट कमेटी सचिव हो चुके चार्जशीट

इससे पहले जिला कुरुक्षेत्र के 6 मार्केट कमेटी के सचिव को चार्जशीट किया गया है। इसमें थानेसर मार्केट कमेटी के सचिव हरजीत सिंह, पिहोवा कमेटी के सचिव बलवान सिंह, शाहाबाद कमेटी के सचिव कृष्ण मलिक, पिपली कमेटी के सचिव गुरमीत सिंह, इस्माइलाबाद कमेटी के चंद्र सिंह और लाडवा के संत कुमार पर गाज गिरी थी।

यहां जानिए किसानों का मामले में क्या कहना…

5 हजार करोड़ घोटाले के आरोप : उधर, भाकियू के प्रवक्ता राकेश बैंस ने 5 हजार करोड़ धान के घोटाले के आरोप लगाए है। उन्होंने CBI से मामले की जांच की मांग की है। बताया कि पूरे प्रदेश में 5 हजार करोड़ से ज्यादा का धान घोटाला हुआ है। इसमें 2500 करोड़ के घोटाले के सबूत भाकियू सरकार तक पहुंचा चुकी है।

तुरंत दर्ज की जानी चाहिए FIR दर्ज : राकेश बैंस ने कहा कि इस मामले में तुरंत FIR दर्ज होनी चाहिए। उसके बाद मामले की जांच करनी चाहिए। अगर धान घोटाले में राजेश आर्य का कोई रोल है, तो उनके खिलाफ भी FIR दर्ज हो। थप्पड़ कांड के बाद भाकियू लगातार राजेश आर्य को हटाने की मांग कर रही थी।

कल जींद में किसान करेंगे पंचायत : प्रवक्ता प्रिंस वडै़च ने आगे बताया कि कल शुक्रवार को जींद में धान घोटाले को लेकर किसानों की बड़ी पंचायत होगी। इसमें पूरे प्रदेश से किसान शामिल होंगे। यहां मुआवजे की मांग और घोटाले की जांच को लेकर प्रदर्शन के बाद ज्ञापन दिया जाएगा।

राजेश आर्य की नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया

मामले को लेकर राजेश आर्य से बात करने की कोशिश की गई। उनको 2 बार कॉल लगाई गई, लेकिन दोनों ही बार उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। दरअसल, कुरुक्षेत्र में फर्जी गेट पास कटवाने के आरोप लगे हैं। साथ ही मिलर्स को गेट पास काटने के लिए अपना यूजर आईडी और पासवर्ड देने का आरोप भी लगाया गया है।

पोर्टल पर दर्ज ब्योरा, खरीद ज्यादा कैसे : भारतीय किसान यूनियन पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि सरकारी पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज डेटा से ज्यादा धान की खरीद की गई, जबकि इस बार बारिश, बाढ़ की वजह से धान को काफी नुकसान भी हुआ। फिर भी जिला कुरुक्षेत्र में खरीद में रिकॉर्ड बना दिया।

1095 एकड़ की फसल प्रभावित

प्रिंस वड़ैच ने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में धान का गैर बासमती PR धान का कुल 3,15,039 एकड़ रकबा है। इस बार बारिश, बाढ़, हल्दी रोग और फिजी वायरस से 81,095 एकड़ फसल प्रभावित हुई है, जो कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर वेरिफाइड भी है। इसके अलावा 40% धान की पैदावार कम हुई।

पिछले सीजन के अपेक्षा 3% कम पैदावार

उन्होंने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में हर सीजन औसतन उत्पादन प्रति एकड़ 32 से 35 क्विंटल पैदावार रहती है, मगर इस बार 18 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार हुई। उसके बावजूद पिछले सीजन के करीब 3% खरीद कम हुई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.