रांची: राज्य की राजधानी रांची में एक तरफ जहां भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले एकदिवसीय क्रिकेट मैच को लेकर आम लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह है, तो वहीं टिकट की कालाबाजारी को लेकर बदनामी का एक बड़ा दाग भी रांची को लग गया है. टिकट की कालाबाजारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और देश के रक्षा राज्य मंत्री ने भी सवाल उठाए हैं.
साइबर ठगों ने उठाया मौके का फायदा
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच टिकट की कालाबाजारी करने वालों और साइबर अपराधियों की चांदी हो गई. रांची में हो रहे इस एकदिवसीय मैच को लेकर कई लोग ठगी का शिकार हो गए. कुछ लोग ऑनलाइन टिकट खरीदने के चक्कर में साइबर अपराधियों के चक्कर में फंस गए. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के ऑनलाइन टिकट के साथ ऑफलाइन टिकटों की बिक्री जरूर हुई लेकिन टिकट बिक्री के लिए जिस तरह की व्यवस्था जेएससीए ने की उसे लेकर गृह राज्य मंत्री संजय सेठ और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने जेएससीए मैनेजमेंट सिस्टम पर सवाल उठाए हैं. इन सवालों को इसलिए भी उठाया गया क्योंकि टिकट न मिलने के कारण कई लोग साइबर फ्रॉड के निशाने पर आसानी से आ गए. जिसका पूरा लाभ साइबर अपराधियों ने उठाया और जमकर ठगी की.
साइबर अपराधियों के जाल में फंसे दर्शक
रांची के साइबर थाने में इसे लेकर शिकायत भी की गई है. ऐसे ही एक पीड़ित हैं प्रणव कुमार दत्ता जो रांची के रहने वाले हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट के लिए लाइन में भी लगे लेकिन टिकट नहीं मिला. मैच देखने की चाहत में वह सोशल मीडिया पर मैच के टिकट तलाश करने लगे और यहीं से वह साइबर अपराधियों की बिछाई बिसात में फंस गए.
साइबर अपराधियों ने उनसे रुपए ऐंठ लिए लेकिन टिकट नहीं मिला. जब भी पीड़ित टिकट के लिए फोन करते तो उनसे और पैसे मांगे जाते. जब प्रणब को ठगी का एहसास हुआ तो वह पुलिस थाने गए और अपनी शिकायत दर्ज कराई.
पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाया सवाल
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे अर्जुन मुंडा ने भी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय मैच को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. अर्जुन मुंडा ने लिखा है कि रांची में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेला जाना है. झारखंड में इस तरह का आयोजन होना गर्व का विषय है, लेकिन इस मैच को देखने आने वाले दर्शकों के साथ अन्याय हुआ है. न तो उन्हें ऑनलाइन टिकट ठीक से उपलब्ध करवाए गए और न ही ऑफलाइन. ऑफलाइन टिकट काउंटर को तय समय से एक दिन पहले ही बंद कर दिया गया, जबकि ऑनलाइन टिकट महज कुछ ही सेकेंड में खत्म हो गए.
JSCA ने आखिर किस हिसाब से दर्शकों को टिकट उपलब्ध करवाने का काम किया है? ऐसी स्थिति में लोग नाराज हैं. सुनने में यह भी आ रहा है कि टिकटों की कालाबाजारी हो रही है और उन्हें वास्तविक कीमत से तीन से चार गुना अधिक दाम पर बेचा जा रहा है. यह एक गंभीर मामला है. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी मैच के आयोजन लेकर कई सवाल उठाए हैं.
कई मामले आए, लेकिन थानों में रिपोर्टिंग कम
बता दें कि प्रणव ऐसे अकेले शख्स नहीं बल्कि दर्जनों लोग ऐसे हैं जिनके साथ मैच के टिकट के नाम पर ठगी हुई है. ऐसे में पुलिस इसकी जांच में जुटी है. कालाबाजारी की सूचना मिलने पर रांची पुलिस के द्वारा तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया है लेकिन मैच से पहले जमकर लोगों को ठगा गया है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.