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कवर्धा में आदिवासी बालक आश्रम का बुरा हाल, कहीं बीड़ी पी रहे बच्चे तो कहीं खेल रहे ताश, हॉस्टल भगवान भरोसे

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कवर्धा: प्रदेश में आदिवासी आश्रम की स्थिति गंभीर है. कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई. यहां पंडरीपानी स्थिति आदिवासी बालक आश्रम में एक तरफ बच्चे जमीन पर बैठकर खाना खा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ छात्र बीड़ी-सिगरेट पीते भी दिखे.

ताश खेल रहे बच्चे: कहीं जमीन पर बैठकर खाना खाते, कहीं बीड़ी पीते छात्रों की तस्वीर आश्रम की स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है. इतना ही नहीं कहीं-कहीं बच्चे ताश खेलते भी दिखे. आश्रम की अधीक्षक की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में भी आक्रोश है.

हॉस्टल भगवान भरोसे, कोई दिनचर्या नहीं: आरोप है कि आश्रम में बच्चों की देखरेख भगवान भरोसे छोड़ी गई है. न तो भोजन व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही बच्चों के अनुशासन और दिनचर्या की निगरानी हो रही है. उनका कहना है कि सरकार आदिवासी बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन इस आश्रम में हालात बिल्कुल विपरीत दिख रहे हैं.

अब प्रशासन सक्रिय: मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त लक्ष्मीचंद पटेल ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और आश्रम में व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा.

जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है.

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