Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
एशियाई पैरा खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद... कोलकाता का एसआरएफटीआई संस्थान 11 दिसंबर तक बंद, छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव के बाद बड़ा फैसला सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा मामला, दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट— 6 लोगों को बनाया गया ... एनआईए की अपील पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सचिन वाझे की जमानत हुई रद्द यूपी की वोटर लिस्ट में 2.4 करोड़ मतदाताओं का बड़ा अंतर, विधानसभा और पंचायत सूची में भारी विरोधाभास बिहार के दरभंगा में बदमाशों की गोली से ASI घायल, गश्ती के दौरान उजान गांव के पास हुआ हमला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 11,320 फीट की ऊंचाई पर बसा है बेहद खूबसूरत और शांत गांव चित्रकुल, ... रणबीर-यश की 'रामायण' में रावण के एक सिंहासन को बनाने में खर्च हुए 1 करोड़ रुपये, जानिए दिलचस्प बातें सिनेमाघरों में रिलीज हुई रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी की महात्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण', रिलीज से पहल... यूरोप में बम की झूठी धमकियों से मचा हड़कंप, एक हफ्ते में दूसरी बार 12 से ज्यादा विमानों का बदला गया ...

कवर्धा में आदिवासी बालक आश्रम का बुरा हाल, कहीं बीड़ी पी रहे बच्चे तो कहीं खेल रहे ताश, हॉस्टल भगवान भरोसे

31

कवर्धा: प्रदेश में आदिवासी आश्रम की स्थिति गंभीर है. कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई. यहां पंडरीपानी स्थिति आदिवासी बालक आश्रम में एक तरफ बच्चे जमीन पर बैठकर खाना खा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ छात्र बीड़ी-सिगरेट पीते भी दिखे.

ताश खेल रहे बच्चे: कहीं जमीन पर बैठकर खाना खाते, कहीं बीड़ी पीते छात्रों की तस्वीर आश्रम की स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है. इतना ही नहीं कहीं-कहीं बच्चे ताश खेलते भी दिखे. आश्रम की अधीक्षक की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में भी आक्रोश है.

हॉस्टल भगवान भरोसे, कोई दिनचर्या नहीं: आरोप है कि आश्रम में बच्चों की देखरेख भगवान भरोसे छोड़ी गई है. न तो भोजन व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही बच्चों के अनुशासन और दिनचर्या की निगरानी हो रही है. उनका कहना है कि सरकार आदिवासी बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन इस आश्रम में हालात बिल्कुल विपरीत दिख रहे हैं.

अब प्रशासन सक्रिय: मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त लक्ष्मीचंद पटेल ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और आश्रम में व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा.

जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.