पश्चिम बंगाल में 23 BLO की मौतें! क्या SIR का अत्यधिक काम है वजह? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब, मामले में नया मोड़
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग से संबंधित विभिन्न मामलों पर आज सुनवाई होने वाली है. इससे पहले अन्य राज्यों के मामलों को लेकर भी सुनवाई हुई. इसमें वोटर लिस्ट संशोधन (एसआईआर), पश्चिम बंगाल में बीएलओ की मौतों और केरल/तमिलनाडु के मुद्दों पर राजनीतिक दलों व एडीआर ने सवाल उठाए हैं. कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण अपनी दलीलें पेश करने वाले हैं. जबकि चुनाव आयोग ने आरोपों को राजनीतिक बताया है. कोर्ट ने 1 दिसंबर तक जवाब तलब किया और अगली सुनवाई की तारीखें तय की.
राज्य चुनाव आयोग और चुनाव आयोग, दोनों को एक दिसंबर तक जवाब देना है. इस मसले पर सुनवाई 9 दिसंबर को होगी. कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग से जवाब तलब किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल चुनाव कार्यालय से 1 दिसंबर तक जवाब तलब किया है.
अब तक 23 लोगों की मौत
वोटर लिस्ट संशोधन (एसआईआर) को लेकर अब तक कई राज्यों में BLO की मौतों के मामले सामने आ चुके हैं. अकेले पश्चिम बंगाल में 23 बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि केरल राज्य चुनाव आयोग को भी जवाब दाखिल करने दें. सीजेआई ने कहा कि ठीक है, राज्य चुनाव आयोग द्वारा 1 दिसंबर तक जवाब दाखिल किया जाए.
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
सीजेआई ने आगे कहा कि केरल मामले में 1 दिसंबर तक जवाब देना होगा. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राजनीतिक दल जानबूझकर परेशानी खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं. कोई मसला नहीं है.
कपिल सिब्बल ने क्या कहा?
अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि बीएलए को 50 फ़ॉर्म अपलोड करने की अनुमति है. चुनाव आयोग की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि ये राजनीतिक दल डर पैदा कर रहे हैं. सिब्बल ने कहा कि नहीं, यह चुनाव आयोग के निर्देश पर है. ये आपके निर्देश हैं और किसी राजनीतिक दल या नेता के बारे में नहीं हो सकते.
तमिलनाडु के मामले पर सोमवार को होगी सुनवाई
सीजेआई ने कहा कि तमिलनाडु एसआईआर मामला सोमवार को सुनेंगे. केरल एसआईआर का मामला स्थानीय निकाय चुनावों के कारण एसआईआर को स्थगित करने का है. वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय में यह याचिका पहले ही दायर की जा चुकी है. राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि उन्हें कोई समस्या नहीं आ रही है. चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग समन्वय कर रहे हैं. 99 प्रतिशत मतदाताओं को फॉर्म मिल चुके हैं, 50 प्रतिशत से ज़्यादा डिजिटल हो चुके हैं. सीजेआई ने कहा कि केरल एसआईआर के लिए अलग से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें.
जल्दबाजी में हो रही SIR प्रक्रिया- प्रशांत भूषण
ADR की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि SIR प्रक्रिया बहुत जल्दबाजी में की जा रही है. कई BLO आत्महत्या कर रहे हैं और ऐसी खबरें भी आ रही हैं. असम में गणना फॉर्म की कोई आवश्यकता नहीं है और यह बाकी भारत से अलग है. कृपया हमारी IA सुनें, हम चुनाव आयोग के अपने मैनुअल पर भरोसा कर रहे हैं.
सीजेआई ने आदेश में दर्ज किया कि चुनाव आयोग ने कहा है कि जवाबी हलफनामा 1 दिसंबर या उससे पहले दाखिल किया जाए. तमिलनाडु में एसआईआर मामले में पेश हुए सभी वकीलों को इसकी सॉफ्ट कॉपी दी जाए. इसका जवाब 3 दिसंबर या उससे पहले दाखिल किया जाए. मामले को 4 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध किया जाए.
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