बिहार में मंत्रालयों की खींचतान! अमित शाह के साथ नीतीश के दो भरोसेमंद नेताओं की 3 घंटे लंबी बैठक, क्या सुलझ गया विवाद?
बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मंत्रालयों को लेकर खींचतान जारी है. सोमवार को नीतीश कुमार के दो भरोसेमंद नेताओं संजय झा और ललन सिंह के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की करीब तीन घंटे बैठक चली. संजय झा नीतीश के बेहद करीबी और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष हैं जबकि ललन सिंह नीतीश के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री हैं.
सूत्रों के मुताबिक, 20 नवंबर को बिहार में नई सरकार का गठन किया जाएगा. मौजूदा विधानसभा 19 नवंबर को भंग होगी. तब तक नीतीश कुमार पद पर बने रहेंगे. बिहार की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है. दरअसल, बिहार विधानसभा के चुनाव में बीजेपी इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी 100 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इसमें से उसने सबसे अधिक 89 सीटें जीतीं.
बिहार में NDA को प्रचंड बहुमत
वहीं, जेडीयू की अगर बात करें तो इसके खाते में 85 सीटें आई. जेडीयू भी 100 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. वहीं, चिराग की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने भी इस बार बेजोड़ प्रदर्शन किया. 29 में 19 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, जीतन राम मांझी पार्टी को पांच उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 4 सीटें आईं. कुल मिलाकर एनडीए को 202 सीट मिली.
मंत्रिमंडल का फॉर्मूला लगभग तैयार!
बिहार में सरकार गठन को लेकर मंत्रिमंडल का फॉर्मूला लगभग तैयार हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा कोटे से 15-16 मंत्री हो सकते हैं. वहीं, जदयू से एक सीएम और 14 मंत्री की संभावना है. चिराग के भी तीन मंत्री शपथ ले सकते हैं, जिसमें एक डिप्टी सीएम का पोस्ट भी हो सकता है. इसके अलावा मांझी और कुशवाहा के एक-एक मंत्री हो सकते हैं.
सरकार गठन को लेकर बैठकों का दौर जारी
बिहार में सरकार गठन को लेकर पिछले दो दिनों से बैठकों का दौर चल रहा है. 16 नवंबर को पीएम आवास पर भी इसको लेकर बैठक हुई थी. यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली थी. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता मौजूद थे. इसके अलावा चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी ने भी बीजेपी नेताओं से मुलाकात की थी.
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