Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhanbad News: 1 घंटे में जमींदोज हुए 4 मकान! धनबाद के लोयाबाद में भू-धंसान से दहशत; ग्रामीणों ने की ... Deoria Viral Video: बुजुर्ग का पैर पकड़कर एक्सरसाइज कराते दिखे यूपी के मंत्री सूर्य प्रताप शाही; वीड... Jodhpur Air Force Station: 'वीर गार्डियन 2026' में दिखा तेजस और F-2A का दम; एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ... Maharashtra Politics News: लातूर के होटल आमेर में खूनी वारदात; परली के शेख मन्सूर अली की हत्या, CCTV... Bareilly Nagar Nigam Action: खसरा संख्या 220-221 की जमीन पर अवैध कब्जे; नोटिस के बाद हड़कंप, वसूला ज... Katihar Express Viral Video: रात में कोलकाता जा रही ट्रेन के कोच में दिखा सांप; यात्रियों में मची अफ... IIT Bombay Suicide News: 22 साल के साहिल वाकोडे सुसाइड केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी; प्रोफेसर ... Lawrence Bishnoi Gang News: नेपाल भाग गए थे 5 लाख के इनामी बदमाश; जोधपुर के होटल से अफीम, रिवॉल्वर औ... Punjab News Today: पंजाब में फिर ठप होगी बस सेवा! 22 सितंबर से सड़कों पर नहीं उतरेंगी PUNBUS और PRTC... Ludhiana Firing News: गृह प्रवेश की पार्टी में ताबड़तोड़ फायरिंग; 15-20 बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, 2...

स्ट्रॉबेरी ने बदली किस्मत: लातेहार में पारंपरिक खेती छोड़ किसान ने अपनाया नया तरीका, बंपर मुनाफे से हुए मालामाल

28

लातेहारः जहां चाह ,वहां राह. लातेहार के कुलगड़ा गांव निवासी रमेश भुइयां ने इस बात को पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है. मात्र थोड़ी सी जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रमेश बंपर कमाई कर रहे हैं. वर्तमान समय में रमेश भुइयां ग्रामीणों के लिए आईकॉन बन गए हैं.

दरअसल, रमेश भुइयां एक सीधे-साधे ग्रामीण किसान हैं. इनके पास जमीन भी काफी कम है. इस कारण खेती से ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता था. हालांकि रमेश हमेशा यह प्रयास करते थे कि थोड़ी से ही जमीन में बेहतर खेती कर अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर सकें. रमेश बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत गांव में जल छाजन समिति गठित की जा रही थी. रिचूघुटा जल छाजन समिति का उन्हें सचिव बनाया गया.

कैसे जगी उन्नत खेती के प्रति दिलचस्पी

जल छाजन समिति का सचिव बनने के बाद रमेश भुइयां भी उन्नत खेती के प्रति दिलचस्पी दिखाने लगे. जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा के प्रयास से गत वर्ष रमेश ने अपनी थोड़ी सी जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती आरंभ की थी. गत वर्ष खेती से उन्हें अच्छी आमदनी हुई. जिससे प्रभावित होकर उन्होंने इस वर्ष लगभग 5 डिसमिल जमीन में स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए हैं. प्रारंभिक दौर में ही इन्हें अब तक 30 से 40 हजार की आमदनी हो चुकी है. जबकि अभी भी खेतों में 50 हजार रुपये से अधिक के फल लगे हुए हैं.

विभागीय सहयोग मिला तो कर सके बेहतर खेती

रमेश भुइयां बताते हैं कि जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञ जेके श्रीवास्तव और बुद्धदेव पाल आदि लोगों ने स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए उन्हें काफी प्रोत्साहित किया और तकनीकी जानकारी दी. गत वर्ष उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती थोड़ी सी जमीन में की थी. जिसमें अच्छा मुनाफा हुआ था. इसी से प्रभावित होकर इस वर्ष उन्होंने 5 डिसमिल जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती की है. वर्तमान समय में 25 हजार रुपये से अधिक की स्ट्रॉबेरी की बिक्री कर चुके हैं, जबकि अभी भी बड़े पैमाने पर स्ट्रॉबेरी के फल खेत में लगे हैं. उन्होंने कहा कि अपने खेतों में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करते हैं. इसी कारण खेती में लागत भी काफी कम आती है. जबकि फल का स्वाद काफी अच्छा होता है. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष लगभग 20 डिसमिल जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती करेंगे. वही रमेश की पत्नी मीना देवी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से स्ट्रॉबेरी की खेती आरंभ किए हैं. काफी अच्छा मुनाफा हो रहा है.

किसानों की सहायता के लिए विभाग तत्परः डीएलसीओ

इधर, इस संबंध में जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना फेस 2 के अंतर्गत लातेहार जिले के सात पंचायत में कृषि विकास के कार्य संचालित किए जा रहे हैं. इसके तहत किसानों को उन्नत खेती से जोड़ा जा रहा है और उन्हें तकनीकी जानकारी के साथ-साथ अन्य प्रकार की सहायता भी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि लातेहार डीसी उत्कर्ष गुप्ता और उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद के द्वारा इस कार्य में विभाग को हर प्रकार की मदद की जा रही है, जिससे विभाग किसानों को बेहतर सहायता उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने बताया कि रमेश भुइयां पूरी तरह जैविक विधि से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. जिससे उन्हें काफी अच्छी आमदनी हो रही है, खरीदार भी खुद उनके खेतों तक पहुंच रहे हैं.

300 से 400 रुपये प्रति किग्रा बिक रही स्ट्रॉबेरी

खुले बाजार में स्ट्रॉबेरी 300 से लेकर 400 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री हो रही है. 5 डिसमिल में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले रमेश प्रत्येक दिन 4 से 5 किलोग्राम स्ट्रॉबेरी की बिक्री कर रहे हैं. स्ट्रॉबेरी के फल 3 महीने तक निकलेंगे. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना फेस 2 के नोडल ऑफिसर लातेहार भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा लगातार यह प्रयास कर रहे थे कि किसानों को तकनीकी खेती से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाई जाए. किसानों को नई-नई खेती से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.