Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Agra Metro Accident: आगरा में मेट्रो निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, जमीन धंसने से बियर शॉप पर गिरी क्र... Crime News: घोड़ा फार्म संचालक की हत्या से सनसनी, शरीर पर तेजधार हथियार के निशान, जांच में जुटी पुलि... Fraud Alert: पूर्व सैनिक से 1.38 करोड़ की डिजिटल ठगी, ठगों ने ऐसे रचा पूरा खेल, आप भी रहें सावधान Hisar Crime News: हिसार में पत्नी ने ही रची पति की हत्या की साजिश, हथियार के साथ पकड़ी गई महिला Jhajjar News: झज्जर में नर्सिंग छात्रा ने की आत्महत्या, कमरे में फंदा लगा कर दी जान; मचा कोहराम 2 साल पहले हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझी, हत्यारों ने ऐसे की थी पूरी साजिश...अब हुआ खुलासा Cyber Fraud: कंपनी का मालिक बनकर अकाउंटेंट से कराए लाखों रुपए ट्रांसफर, दो शातिर ठग गिरफ्तार Sunil Jaglan News: सुनील जागलान का 'सरपंच गाइडेंस सेंटर' ग्रामीण भारत में ला रहा बदलाव, जानें कैसे ब... Traffic Advisory: कल घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक रूट, इन रास्तों पर रहेगी वाहनों की No Entr... Haryana News: हरियाणा के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द कम होंगे बिजली के दाम, सीएम ने दी मंजूरी

धमाके के बाद सिर्फ़ शरीर नहीं, दिमाग भी होता है घायल! क्या होता है PTSD, जानें इस खौफनाक मानसिक बीमारी के लक्षण और इलाज

3

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. अचानक हुए इस विस्फोट में कई लोग घायल हुए, वहीं कुछ की हालत नाज़ुक बनी हुई है. धमाके की आवाज़ और मंजर ने वहां मौजूद लोगों के दिल-दिमाग पर गहरा असर छोड़ा है. ऐसे हादसों के बाद कई लोग PTSD (Post-Traumatic Stress Disorder) और सर्वाइवर ट्रॉमा जैसी मानसिक स्थितियों से गुजरते हैं. आइए जानते हैं कि ये समस्याएं क्या होती हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है.

PTSD यानी पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर एक मानसिक समस्या है, जो किसी डरावनी या दर्दनाक घटना के बाद होती है. इसमें व्यक्ति बार-बार उस हादसे की यादों में खो जाता है, डर महसूस करता है और सामान्य जीवन में लौटना उसके लिए मुश्किल हो जाता है. यह स्थिति तनाव, बेचैनी और नींद की कमी जैसी दिक्कतें पैदा करती है. वहीं, सर्वाइवर ट्रॉमा तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी बड़े हादसे या आपदा से बच जाता है, लेकिन उसके भीतर यह पछतावा रहता है कि वह बच गया जबकि बाकी लोग नहीं बचे. इस वजह से व्यक्ति लंबे समय तक चिंता, तनाव और खुद को दोष देने की भावना से गुजरता है. दोनों ही स्थितियां व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक सेहत को गहराई से प्रभावित करती हैं.

PTSD और सर्वाइवर ट्रॉमा में क्या लक्षण दिखते हैं?

गाज़ियाबाद के जिला MMG हॉस्पिटल में मनोरोग विभाग में डॉ. ए. के. कुमार बताते हैं कि PTSD और सर्वाइवर ट्रॉमा से जूझ रहे व्यक्ति के भीतर लगातार डर, तनाव और असुरक्षा की भावना बनी रहती है. ऐसे लोग उस दर्दनाक घटना को भूल नहीं पाते और बार-बार उसे याद करने लगते हैं. कई बार उन्हें उसी हादसे के सपने या फ्लैशबैक आने लगते हैं, जिससे वे घबरा जाते हैं.

मामूली आवाज़, गंध या दृश्य भी उन्हें बेचैन कर सकता है. नींद न आना, थकान महसूस होना, चिड़चिड़ापन बढ़ना और दूसरों से दूरी बनाना इसके आम संकेत हैं. कुछ लोग खुद को दोष देने लगते हैं और गिल्ट से घिर जाते हैं. अगर ये लक्षण कई हफ्तों या महीनों तक रहें और व्यक्ति का रोज़ का जीवन, काम या नींद प्रभावित होने लगे, तो यह स्थिति गंभीर मानी जाती है. बिना इलाज के यह डिप्रेशन, पैनिक अटैक या आत्मघाती विचारों तक पहुंच सकती है, इसलिए समय पर काउंसलिंग और थेरेपी लेना जरूरी है.

कैसे करें बचाव?

हादसे के बारे में बार-बार बात या विचार करने से बचें.

भरोसेमंद व्यक्ति या काउंसलर से अपनी भावनाएं साझा करें.

नियमित रूप से मेडिटेशन और गहरी सांस लेने के व्यायाम करें.

सोशल मीडिया या न्यूज़ पर बार-बार हादसे की खबरें देखने से बचें.

जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.