बुरहानपुर : नगर निगम सीमा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में डायरिया का प्रकोप फैल चुका है, साथ ही प्रदेश की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत एमागिर्द क्षेत्र के आजाद नगर में भी डायरिया ने कहर बरपाया है. इन इलाकों के करीब 40 लोग डायरिया से प्रभावित हो गए हैं, इनमें अधिकांश बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं, सभी को जिला अस्पताल में भर्ती किया है. इस मामलें ने प्रशासन की भी नींद उड़ा दी है. मामले की गंभीरता को देखते ही कलेक्टर हर्ष सिंह, अपर कलेक्टर व निगमायुक्त के साथ सभी वार्डों और अस्पतालों का निरीक्षण करने पहुंचे.
खुद घर-घर जा रहे बुरहानपुर कलेक्टर, जाना हाल
कलेक्टर समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी आलमगंज, लोहार मंडी, सिंधीपुरा सहित आजाद नगर की तंग गलियों में जायजा लेने पहुंचे, उन्होंने डोर-टू-डोर जाकर पीड़ित परिवारों से हाल पूछा. इन वार्डों में स्वास्थ्य विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों से डायरिया फैलने के कारणों की जानकारी जुटाई है. इस दौरान स्थानीय लोगों ने कलेक्टर, अपर कलेक्टर, निगमायुक्त से मटमैला पानी सप्लाई की शिकायत की है, लोगों का कहना है गंदा पानी पीने से ऐसे हालात बने हैं, अधिकारियों ने नगर निगम को इन वार्डों में नियमित साफ-सफाई और शुद्ध पानी सप्लाई के निर्देश दिए हैं.
गंदा पानी हो सकता है डायरिया फैलने का प्रमुख कारण
गौरतलब है कि रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया, लोगों के घरों में पानी की जांच की गई, कलेक्टर हर्ष सिंह, अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान, निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव सहित सीएमएचओ डॉक्टरआर. के. वर्मा ने लोगों से बातचीत की. प्रभावित वार्ड में कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर डायरिया फैलने की वजह जानने का प्रयास किया. इस दौरान ज्यादातर लोगों ने साफ तौर पर कहा कि मोहल्लों में पानी गंदा आता है, कई बार शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई निराकरण नही हुआ, यही वजह है कि बच्चों को गंदा पानी पीने से दस्त की शिकायत सामने आई हैं.
डायरिया प्रभावितों के लिए स्वास्थ्य शिविर
रविवार को जिला प्रशासन ने डायरिया की रोकथाम के लिए कदम उठाए हैं, कलेक्टर हर्ष सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को मरीजों की निगरानी और डायरिया रोकथाम के लिए निर्देशित किया, इसके बाद लोहार मंडी क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, शुरुआती जांच में 22 लोगों की ओपीडी आई, जिसमें 5 मरीज उल्टी दस्त से ग्रसित पाए गए, इनमें से 2 मरीजों को आज जिला अस्पताल में पहुंचाया गया है.
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग का अमला तैनात किया गया है, वार्डो में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, एमपीडब्ल्यू की टीमें गठित की है, गठित टीम इन वार्डों में डोर-टू-डोर पहुंच रही है, कर्मचारियों ने सर्वे शुरू कर दिया है. पीड़ित मरीजों की जानकारी जुटाई जा रही है, साथ ही लोगों को क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस का वितरण किया जा रहा है, इसके अलावा लोगों को पानी उबालकर और क्लोरीन की गोली डालकर पानी पीने की सलाह दी है.
इस पूरे मामले में निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा,” पीने का पानी दूषित है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए अलग अलग स्थानों और पीड़ित मरीज के घरों से सैंपल जुटाए गए हैं, अब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.”
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