उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई. जब एक रेप पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह करने की कोशिश की. पीड़िता का आरोप था कि उसने आरोपियों के खिलाफ कई बार शिकायत की है, लेकिन पुलिस की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. पीड़िता के मुताबिक उसने नोएडा के शालीमार गार्डन थाने में केस दर्ज कराया था. उसने कहा कि पुलिस आरोपियों की लोकेशन की जानकारी दी गई, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई करने से बचती रही. पीड़िता ने पहले ही न्याय ना मिलने पर आत्मदाह करने की बात कही थी.
पुलिस को दी थी चेतावनी
मुख्यमंत्री आवास के पास पीड़िता आत्मदाह करती उससे पहले वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया. पीड़िता ने बताया कि 24 जून को रेप की तहरीर दी थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था. हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था. पीड़िता ने कहा कि उसकी तहरीर के बाद करीब 25 दिन बाद हाईकोट के निर्देश पर दर्ज मुकदमा हुआ था.
लापरवाही का लगाया आरोप
पीड़िता ने कई बार आरोपियों की लोकेशन के बारे में पुलिस को बताया था. उसके बाद भी पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. पीड़िता ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वो आत्मदाह करेगी. इसकी जानकारी उसने अपने इंस्टाग्राम आईडी पर शेयर की थी. उसके बाद भी नोएडा पुलिस ने कोईकार्रवाई नहीं की.
लखनऊ में एक पीड़िता ने सीएम आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की लेकिन मुख्यमंत्री आवास के पास मौजूद आत्मदाही दस्ते ने युवती को पकड़ा लिया. जानकारी के मुताबिक, पीड़िता नोएजडा से राजधानी पहुंची थी. नोएडा के शालीमार गार्डन थाने में पीड़िता ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था. मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने के चलते लखनऊ पहुंची थी. पीड़िता ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की बात कही थी. वहीं पीड़िता ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है.
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