Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चांदनी चौक की गलियों में एक इमोशनल सफर— 376 साल पुराना इतिहास, यादें और इंसानी रिश्तों की खूबसूरत दा... आज का मौसम: देश के कई राज्यों में बदला मिजाज, दक्षिण में बारिश का दौर जारी— जानिए अपने शहर का हाल मध्य प्रदेश के जबलपुर में धनतेरस की रात दर्दनाक हादसा, गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में भीषण आग से 50 से... रामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव 2026 आज, 35 लाख दीयों और 2100 ड्रोनों के शो से जगमगाएगी राम की पैड... उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में एक कोचिंग सेंटर के अंदर मिला गणित के शिक्षक का सड़ा-गला शव, इलाके म... आंध्र प्रदेश में बड़ा राजनीतिक सदमा, चुनाव परिणाम से ठीक पहले जन सेना पार्टी की युवा प्रत्याशी का हा... जयपुर में बिक रही 1 लाख 23 हजार रुपये किलो वाली शाही मिठाई, सोने के सिक्के जैसी ‘त्योहार अशर्फी’ बनी... नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बनेगा आर्क टाइप फ्लाईओवर, 84 करोड़ की लागत से दूर होगी जाम की समस्... महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरों पर अनिल देशमुख का बड़ा बयान, खारिज ... पाकिस्तान ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को वीजा देने पर कही बड़ी बात, लाहौर में होने वाले सम्मेलन का मा...

कोलकाता रेप केस: बेटी का दाह संस्कार करने के लिए मजबूर हुए… मृतका के मां-पिता का छलका दर्द

59

कोलकाता रेप मर्डर केस मामले में न्याय की मांग को लेकर कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में बुधवार की रात को लाइटें बंद कर प्रदर्शन किया गया. पीड़िता के पिता, मां और रिश्तेदार आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इस अवसर पर मृतका के पिता ने कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं कि पूरा मामला सामान्य नहीं था. उन्होंने कहा कि किसी मजबूरी के तहत उस दिन उनकी बेटी का अंतिम संस्कार करना पड़ा.

लेडी डॉक्टर की नृशंस हत्या के मामले में सिविक वॉलेंटियर संजय रॉय के अलावा अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. मृतका के माता-पिता ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है. इस अवसर पर मृतका की मां ने कहा, “मैं चाहती हूं कि अपराधियों की भी मेरी तरह नींद हराम हो जाए.”

इस दिन पीड़िता के पिता ने कई सवाल उठाए. उन्होंने सवाल किया, ”शव परीक्षण में देरी क्यों हुई? असामान्य मौत का मामला क्यों दर्ज किया गया? निःशुल्क दाह संस्कार की व्यवस्था किसने की? पोस्टमार्टम से पहले आत्महत्या की बात क्यों कही गई? हमें जवाब कौन देगा, पुलिस या अस्पताल अधिकारी?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.