Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, सोशल मीडिया वीडियो शेयर ... केन्या में अंधविश्वास का खौफनाक अंत— 191 लोगों की भूख से हत्या करने वाले पास्टर पॉल मैकेंजी को 200 स... अमेजन सेल में सस्ता हुआ Samsung का प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन, जानिए नई कीमत और फीचर्स प्रकाश और उत्साह के पर्व दीपावली की पूर्व संध्या पर मनाई जाने वाली छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का ... दीपावली पर मां लक्ष्मी को लगाएं मखाने की खीर का भोग, अटका हुआ धन पाने और आर्थिक तंगी दूर करने के अचू... दिल्ली में हवा हुई बेहद जहरीली, एक्यूआई 382 पर पहुंचा— एनसीआर में ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू बेंगलुरु नरसंहार मामले में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी कैब ड्राइवर ने नाबालिग बेटी का किया ब्रेनवाश— 10 स... बॉक्स ऑफिस पर गरज उठी रणबीर कपूर की ‘रामायण’, दो दिनों में पार किया 221 करोड़ का आंकड़ा— इन बड़ी फिल... अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई जबरदस्त तेजी, करीब 200 दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 93... गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में जोरदार धमाका, सब-इंस्पेक्टर और डिली...

मुंबई में नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में स्कूल के शिक्षक को 5 साल की कैद

44

मुंबई की एक विशेष अदालत ने यहां एक स्कूल के 28 वर्षीय शिक्षक को नाबालिग छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सीमा जाधव ने मंगलवार को आदेश में कहा कि एक शिक्षक से रक्षक के रूप में कार्य करने की अपेक्षा की जाती है और आरोपी के ऐसे जघन्य कृत्यों ने पीड़ितों के मन मस्तिष्क पर जीवन भर के लिए ‘‘मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक प्रभाव” छोड़ा है।

गोवंडी उपनगर के एक स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत आरोपी को अदालत ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। शिक्षक पर अपनी कक्षा की 12 वर्ष से कम उम्र की तीन छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था। बुधवार को उपलब्ध विस्तृत आदेश में अदालत ने कहा कि आरोपी कोई आम आदमी नहीं, बल्कि एक शिक्षक है। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘शिक्षक से एक संरक्षक के रूप में कार्य करने की अपेक्षा की जाती है।

आरोपी द्वारा किए गए ऐसे जघन्य कृत्यों ने पीड़ितों के मन मस्तिष्क पर जीवन भर के लिए मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक प्रभाव डाला है।” अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने उसे पांच साल की जेल की सजा सुनाते हुए कहा, ‘‘वर्तमान मामले में तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पॉक्सो अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत न्यूनतम सजा न्याय के उद्देश्य को पूरा करेगी।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.